संवाद न्यूज एजेंसी
लार/देवरिया। रक्षाबंधन के दिन जब घर-घर में भाई-बहन का प्रेम गीत गूंजना था, उस समय भिटहा और रावतपार रघेन गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। एक हादसे ने पिता-पुत्र की जिंदगी छीन ली और घायल मां व दोनों बहनों को सदमे में छोड़ दिया। त्योहार की खुशियां पलक झपकते ही करुण क्रंदन में बदल गईं।
मदनपुर थाना क्षेत्र के भीटहा गांव निवासी 40 वर्षीय संतोष चौहान मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। शनिवार की सुबह रक्षाबंधन के अवसर पर वह पत्नी ममता (38), बेटी शिवानी (13), सोनाली (8) और बेटे शिवा (6) को लेकर ससुराल, लार थाना क्षेत्र के रावतपार रघेन गांव राखी बंधवाने जा रहे थे।
परिवार के चेहरों पर खुशी थी। शिवानी और सोनाली ने सुबह ही भाई शिवा की कलाई पर राखी बांध दी थी। परंपरा के अनुसार मिठाई खिलाई थी और लंबी उम्र की कामना की थी, मगर वे यह नहीं जानती थी कि कुछ ही घंटों में उनकी दुनिया हमेशा के लिए बदल जाएगी।
जब संतोष अपने परिवार के साथ लार नगर के गया गिर वार्ड के सामने पहुंचे, तभी सड़क किनारे झुका हुआ जंगली जलेबी का विशाल पेड़ अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। पेड़ का भारी और कांटेदार ढांचा सीधे उनकी बाइक पर आ गिरा। देखते ही देखते पूरा परिवार पेड़ के नीचे दब गया।