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नौ आयुर्वेदिक अस्पतालों को मिली भूमि

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- राजस्व विभाग की ओर से चिह्नित भूमि को विभाग की ओर से मिली हरी झंडी
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- नामांतरण की प्रक्रिया के बाद भवन निर्माण की होगी तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में किराए व उधार के भवनों में संचालित हो रहे नौ राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों को अपना भवन मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। राजस्व विभाग की ओर से चिह्नित गई भूमि को विभाग ने हरी झंडी दे दी है। भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भवन निर्माण की कवायद तेज होगी।
जनपद में 42 राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित हैं। इनमें दस के पास अपना भवन है, जबकि अन्य पंचायत भवन, न्यू पीएचसी तथा किराए के भवनों में संचालित होते हैं। अपना भवन न होने से अस्पतालों पर आने वाले मरीजों को परेशानियों के साथ ही चिकित्सकों व कर्मियों को दिक्कत होती है। दवा भंडारण की भी समस्या होती है। इसे देखते हुए क्षेत्रीय आयुर्वेद व यूनानी अधिकारी की ओर चिकित्सालयों के लिए भूमि उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इसकी जानकारी होने पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने उसे गंभीरता से लिया और राजस्व विभाग को भूमि तलाश कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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इन चिकित्सालयों के लिए मिली भूमि
जनपद में नौ राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। इसमें 25 बेड के चिकित्सालय के लिए ग्राम अगस्तपार में व चार बेड के खरोह, पिपराधन्नी, नौतन हथियागढ़, मछैला, बैरौना, बरियारपुर, बड़हरा व जोगिया बुजुर्ग चिकित्सालय शामिल हैं।
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जनपद में संचालित नौ राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए राजस्व विभाग की ओर से भूमि मुहैया कराई गई है। नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भवन निर्माण के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। बजट मिलते ही भवन का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
डॉ. दिनेश कुमार चौरसिया
क्षेत्रीय आयुर्वेद व यूनानी अधिकारी
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