बरहज। कस्बे में सक्रिय सोशल मीडिया गैंग 149 से जुड़े युवक भी रफ्तार, नागेश्वर 307, शैलेष 302, नागा यादव 001 और अपराधी यादव गैंग की तरह कड़ा और गमछा के शौकीन हैं।
गैंग से जुड़े युवक एक बाइक पर दो-तीन की संख्या में सवार होकर झुंड में निकलते हैं। इसके अलावा सोशल प्लेटफार्म पर दहशत फैलाने वाले पोस्ट भी डालते हैं। हालांकि, पुलिस की नजर अभी तक इस गैंग की गतिविधियों पर नहीं पड़ी है।
पिछले दिनों मनीष उर्फ मोनू की हत्या के मामले में नामजद चाइना अंसारी और उसके गुर्गे सोशल मीडिया पर टीम 149 के नाम से गैंग संचालित करते थे। दहशत कायम रखने के लिए गैंग से जुड़े युवक सोशल प्लेटफार्म पर तरह-तरह के वीडियो पोस्ट करते थे।
पिछले साल सक्रिय रहे रफ्तार गैंग के बदमाश भी सोशल मीडिया पर ‘केहू कुछु बिगाड़ नाहीं पाई, हम बदमाश हईं जिला देवरिया के...’ गीत पर वीडियो और पोस्ट डालकर सुर्खियों में आए थे। गैंग के सदस्य छिटपुट घटनाओं को भी अंजाम देते थे। बताया जाता है कि व्हाट्सएप ग्रुप पर एक मैसेज मिलते ही 20-30 बाइक पर मनबढ़ युवक एकत्र हो जाते थे। बताया जाता है कि रफ्तार गैंग दो हजार रुपये फीस लेकर कड़ा और काला गमछा देकर युवकों को अपने गैंग में शामिल करता था। हालांकि, ऑपरेशन लंगड़ा के बाद रफ्तार गैंग के गुर्गे तितर-बितर हो गए थे। देवरिया सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पुलिस से सोशल मीडिया गैंग के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
कई थाना क्षेत्रों में था सोशल मीडिया गैंग का खौफ : नगर क्षेत्र समेत जिले के सलेमपुर, लार, भलुअनी, मदनपुर, सुरौली सहित अन्य थाना क्षेत्रों में रफ्तार, नागेश्वर 307, शैलेष 302, नागा यादव 001 और अपराधी यादव आदि गैंग से जुड़े मनबढ़ों की सक्रियता सामने आई थी। इन गैंग से जुड़े युवकों द्वारा पूर्व में छिटपुट घटनाओं को अंजाम देने की बात भी सामने आई थी।