देवरिया। रामलीला महोत्सव के पांचवें दिन शुक्रवार को हनुमान जी के लंका दहन का जीवंत मंचन किया गया। आग की लपटों के बीच लंका दहन का दृश्य देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ हनुमान चालीसा के पाठ से हुआ। कलाकारों ने भगवान श्रीराम की सुग्रीव से मित्रता, बाली वध और माता सीता की खोज का मंचन किया।
इसके बाद जामवंत के स्मरण कराने पर हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुंचे। अशोक वाटिका में माता सीता को भगवान श्रीराम की मुद्रिका देकर प्रभु का संदेश सुनाया।
इसके बाद अशोक वाटिका में फल खाने पर हनुमान जी का रक्षकों से युद्ध हुआ। उन्होंने रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध कर दिया। मेघनाद उन्हें ब्रह्मपाश में बांधकर रावण के दरबार में ले गया। रावण के आदेश पर पूंछ में आग लगाई गई तो हनुमान जी ने पूरी लंका जला दी। आरती के साथ लीला का समापन हुआ। रावण-हनुमान संवाद ने दर्शकों का मन मोह लिया।
इस दौरान समिति अध्यक्ष अरुण कुमार, मंत्री निखिल कुमार, कमलेश मित्तल, सुभाष मद्धेशिया, श्याम मनोहर जायसवाल, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, राजेंद्र जायसवाल, राजकुमार सोनी, कंचन बरनवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।