ठगी के शिकार लोगों ने फरार कबूतरबाज को पुलिस को सौंपा
बरहज। विदेश भेजे जाने के नाम पर ठगी के शिकार लोगों ने लंबे समय से फरार चल रहे कबूतरबाज को रविवार को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। ठगी के शिकार लोगों का कहना है कि विदेश भेजने के नाम पर सभी ने 80-80 हजार रुपये दिए थे।
बिजलापार निवासी और चाय की दुकान लगाने वाले श्रीकिशुन पुत्र रामनरेश, मदनपुर थाना क्षेत्र के पिपरा पुरुषोत्तम गांव निवासी विश्राम यादव पुत्र इंद्रदेव, रामदुलारे पुत्र स्व.जगत, रामनारायण मिश्र, हरेंद्र गोंड़, सुग्रीव कुमार पुत्र कन्हैया आदि का कहना है कि 2014 में इमिलिया डीह निवासी एजेंट ने अच्छी तनख्वाह पर विदेश भेजने नाम पर 80-80 हजार रुपये लिया था। 12 जून 2015 को सभी विदेश गए। लेकिन टूरिस्ट वीजा होने के कारण काम की जगह जंगलों में शरण लेना पड़ा। किसी तरह एंबेसी से संपर्क साधा और घर से पैसे मंगाने के बाद वापसी संभव हो सकी थी। इस संबंध में इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। बीच का रास्ता नहीं निकलने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
करनी पड़ी थी बंधुआ मजदूरी
बरहज। नगर क्षेत्र के करीब आधा दर्जन लोग 2014 में बेरोजगारी और मुफलिसी की जिंदगी से उबरने के लिए रोजगार की जुगत में विदेश गए थे। लेकिन बिचौलिए के दगा दे जाने के कारण सभी को बंधुआ मजदूरी भी करनी पड़ी थी। पुरानी बातें याद करते हुए सभी रुआंसे हो गए। थाने पर पहुंचे सभी का कहना था कि विदेश पहुंचने पर बहुत खुशी हुई थी। लेकिन एयरपोर्ट पर ही रिसीव करने आए पाकिस्तानी व्यक्ति ने बंधुआ मजदूर बना लिया था। किसी तरह भागकर अपने को जंगलों में सुरक्षित कर वतन वापसी की गुहार लगाए थे।