एकौना। बारिश के कारण गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में बृहस्पतिवार बढ़ोतरी दर्ज की गईं। गोर्रा खतरे के निशान की तरफ तेजी से बढ़ रही है। वहीं राप्ती नदी तिघरा मराछी बांध पर दबाव बना रही है।
बंधे पर रेनकट्स और रैटहोल को देख कछार और दोआबा के लोगों को बाढ़ का भय बना है। गोर्रा पचलड़ी-बेलवा बांध के रतनपुर गांव के पास हुए बोल्डर पिचिंग के पास कटान कर रही है। नदी बांध से सटकर बह रही है। बृहस्पतिवार को गोर्रा नदी 69.45 मीटर और राप्ती 68.40 मीटर पर बह रही थी। दो दिन में दोनों नदियों के जलस्तर में डेढ़ मीटर से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गोर्रा नदी के वेग को देख तटवर्ती गांव के लोग हलकान है। कटान स्थलों के समीप बंधों की जर्जर हालत नदी के खतरे के निशान 70.50 मीटर पर पहुंचने पर भयावह बन सकते है। पिड़रा पुल के एप्रोच पर के दोनों तरफ बैकरोलिंग कर कटान कर रही गोर्रा अब आबादी की तरफ बढ़ रही है।
साल दर साल नदी खेती योग्य भूमि को काटती जा रही। बंधे और नदी के बीच बसे नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव की मकानों नदी के सीधे ठोकर मारने से खतरा बरकरार है। यहां जलस्तर घटने पर मकानों के नदी में गिरने का खतरा बना है। तिघरा मराछी बांध पर राप्ती नदी माझा नरायन, नीबा मठिया, भेड़ी गांव के समीप बंधे से सट कर बह रही है। दो साल से राप्ती नदी कटान करते हुए बंधे के समीप पहुंच गई है।
यहां बंधा कटा तो 52 गांव में पानी घुस जाएगा। इस बाबत एसडीएम हरिशंकर लाल ने कहा कि सिंचाई विभाग को बंधों पर निगरानी करते रहने का निर्देश दिया गया है।