देवरिया। सलेमपुर से युवक का अपहरण कर करीब 10 करोड़ की जमीन बैनामा कराने के मामले में जेल से बाहर आने के बाद गैंगस्टर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी शुक्रवार को न्यायालय में नहीं हाजिर हुआ। न्यायालय ने लगातार अनुपस्थित रहने पर अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या पांच गैंगस्टर एक्ट ने एनब्डब्ल्यू वारंट जारी किया था। इसमें 14 फरवरी को उसके हाजिर होने की तिथि नियत थी। इसके बाद भी पूर्व जिपं अध्यक्ष नहीं हाजिर हुआ। इधर वारंट जारी होने के बाद छापेमारी में जुटी पुलिस भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। एक बार फिर तिथि बढ़ने की सूचना के बाद कोतवाली पुलिस जिपं अध्यक्ष की तलाश में जुट गई है। न्यायालय ने फिर से छह मार्च की तिथि नियत की है।
देवरिया खास निवासी दीपक मणि उर्फ पीयूष मणि त्रिपाठी के नाम से शहर में 50 करोड़ से अधिक की पैतृक जमीन है। उसके जमीन पर पट्टीदारों और जिले के भू-माफिया की नजर थी। इनके डर से वह भटनी नगर में किराए के मकान में रह रहा था।
20 मार्च 2018 को वह सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर एमएसटी बनवाने आया था। इसी दौरान तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव उर्फ बबलू अपने गुर्गों व साथियों के साथ मिलकर चार पहिया वाहन से अगवा कर लिया। खुद को पुलिस बताते हुए दीपक को कोतवाली चलने की बात कहकर गाड़ी में जबरन बैठा लिया था। इसके बाद तमंचे के बल पर 17 अप्रैल को उससे 10 करोड़ से अधिक की जमीन और मकान के पांच अलग-अलग बैनामा करा लिया था। दीपक की बहन शालिनी शुक्ला ने 10 अप्रैल को तत्कालीन एसपी से फोन पर शिकायत की थी। उसने जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत की थी। फरार जिला पंचायत अध्यक्ष पर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।