प्रबंधक समेत पांच पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
बघौचघाट के मेहाहरहंगपुर के मदनी दारुल उलूम मदरसा का मामला
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अनुदानित मदरसा मदनी दारुल उलूम मेहाहरहंगपुर में एक परिचारक की नियुक्ति के मामले में न्यायालय के आदेश पर बघौचघाट पुलिस ने प्रबंधक, कार्यवाहक प्रधानाचार्य समेत पांच लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। सऊदी अरब में रहने के दौरान एक युवक का साक्षात्कार कर नियुक्ति कर दी गई थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
बघौचघाट थानाक्षेत्र के मेहाहरहंगपुर गांव के रहने वाले मुहम्मद तहरीर पुत्र मुहम्मद रफीउल्लाह ने आरोप लगाया था कि गांव के ही दिलबहार पुत्र मुस्ताक की नियुक्ति अनुदानित मदरसा मदनी दारुल उलूम में परिचारक के रूप में की गई है। युवक की नियुक्ति उस समय की गई जब वह सऊदी अरब में नौकरी कर रहा था। दिलबहार नौ मार्च 2014 को हाउस ड्राइवर के वीजा पर सऊदी अरब चला गया। वहां वह दो साल आठ महीने नौकरी की। 20 अगस्त 2016 को अपने देश आया। सउदी अरब में रहने के दौरान ही दिलबहार की नियुक्ति वर्ष 2015 में अनुदानित मदरसा मदनी दारुल उलूम मेहाहरहंगपुर में परिचारक के पद पर कर दिया गया।
नियुक्ति का साक्षात्कार छह मार्च 2015 को हुआ था। इसमेें दिलबहार शामिल नहीं हुआ था, फिर भी प्रबंधक, कार्यवाहक प्रधानाचार्य और चयन समिति के सदस्यों ने दिलबहार की नियुक्ति कर दी। प्रबंधक हसनैन खान, कार्यवाहक प्रधानाचार्य मेहरुद्दीन व चयन समिति के सदस्यों द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर सात मार्च 2015 को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया। यही नहीं, नौ मार्च 2015 को विदेश में रह रहे व्यक्ति को कार्यभार भी ग्रहण करा दिया गया।
19 जून 2019 को 8.42 लाख रुपये का भुगतान कराया गया। रुपये को परिचालक ने प्रबंधक के पुत्र तलहा खान के खाते में ट्रांसफर करा दिया। पीड़ित ने सीजेएम कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी के विरुद्ध केस दर्ज करने का आदेश दिया। बघौचघाट पुलिस ने बुधवार को मदरसा के प्रबंधक हसनैन खान, कार्यवाहक प्रधानाचार्य मेहरुद्दीन, परिचारक दिलबहार, तलहा खान और चयन समिति के सदस्यों के विरुद्ध जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी धन के दुरुपयोग का केस दर्ज किया है। एसओ संजय कुमार सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।