फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवरिया सामूहिक हत्याकांड: फतेहपुर जाना है...पहले नाम-पता नोट कराओ; 10 दिन बाद भी सामान्य नहीं हो सका जनजीवन

Fri, 13 Oct 2023 03:18 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।

सार

फतेहपुर के अभयपुर टोले और लेड़हा टोला पर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। बैरियर पर पुलिस दो शिफ्ट में 24 घंटे ड्यूटी दे रही है। प्रेम यादव के गांव अभयपुर और सत्यप्रकाश दूबे के गांव लेड़हा को जाने वाले रास्ते पर स्कूल वाहन को छोड़कर सभी चारपहिया प्राइवेट वाहनों का आवागन रोक दिया गया है।
विज्ञापन
देवरिया हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देवरिया जिले में फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड के दस दिन बाद भी गांव में लोगों की जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई है। अधिकांश नौजवान गांव छोड़कर गायब हैं। बीमारों और बुजुर्गों की हालत खराब है। महिलाएं रोजमर्रा का काम निपटाने में संघर्ष कर रही हैं। अभयपुर और लेड़हा टोले की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।

विज्ञापन


गांव की सड़क पर मुड़ते ही पुलिस कर्मी रोक रहे हैं। पूछ रहे हैं कि लेड़हा जाना है या अभयपुर..। इन दोनों जगह जाने वाले लोगों के नाम, पते पुलिस रजिस्टर में दर्ज कर रही है।

पुलिस की नाकेबंदी से इलाके में दहशत है। फतेहपुर के अभयपुर टोले और लेड़हा टोला पर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। बैरियर पर पुलिस दो शिफ्ट में 24 घंटे ड्यूटी दे रही है। प्रेम यादव के गांव अभयपुर और सत्यप्रकाश दूबे के गांव लेड़हा को जाने वाले रास्ते पर स्कूल वाहन को छोड़कर सभी चारपहिया प्राइवेट वाहनों का आवागन रोक दिया गया है।
विज्ञापन


गांव में लोग डरे सहमे हैं। रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए महिलाओं को परेशान होना पड़ रहा है। गांव में कुछ अचलस्थ बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं पुलिस के डर से दिनभर घरों में दुबके रहते हैं।

इसे भी पढ़ें: बदल रहा है गोरखपुर: धूल भरा नहीं, अब हरा भरा होगा गोलघर

विज्ञापन

लेहड़ा टोला पर दो बीमार भाइयों की हालत दयनीय होती जा रही है। दोनों भाई पक्षाघात से पीड़ित हैं। उनका इलाज चल रही है। दवा खत्म होने वाली है। घर में कोई ऐसा सदस्य नहीं है जो दवा ला सके। गांव के नवनाथ ने कहा कि उन्हें दो साल पहले फालिज का अटैक हुआ था। उनके भाई रमपति भी चार साल से पक्षाघात झेल रहे हैं। दोनों भाई चलने-फिरने में असमर्थ हैं।

इसे भी पढ़ें: मकान बचाने के लिए डीएम कोर्ट में अपील करेंगे प्रेम के अधिवक्ता, पत्नी बोली- पाई-पाई जोड़कर बनाया

उन्होंने कहा कि गांव को किसी की नजर लग गई है। एक साथ छह हत्याओं से पूरा गांव सदमे में है। भगवान यह दिन किसी गांव को न दिखाए। गांव में कर्फ्यू जैसा माहौल कब तक रहेगा, कहा नहीं जा सकता है। प्रभारी निरीक्षक महेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से गांव में फोर्स तैनात की गई है। गांव में आम जीवन पटरी पर है। गांव के लोग आम दिनों की तरह अपने काम काज में लगे रहते हैं।


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें