संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में हुई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश झा ने मातृत्व सुरक्षा योजना, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, आशा कार्यक्रम समीक्षा, रोगी कल्याण, परिवार कल्याण, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रतिरक्षण कार्यक्रम, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर आदि की समीक्षा की।
सीएमओ ने कहा कि सभी चिकित्सक अपने दायित्वों का भली प्रकार से निर्वहन करते हुए अगले माह संस्थागत प्रसव में बढ़ोत्तरी लाएं। जिन कारणों से संस्थागत प्रसव में कमी आ रही है उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। प्रसव के लिए निजी अस्पताल भेजने में जिन आशा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उन सभी को प्रधान के माध्यम से नोटिस जारी कर चेतावनी दी जाए। यदि कोई आशा किसी गर्भवती को निजी अस्पताल में भेजती पाई जाएगी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस माह झोलाछाप, क्लीनिक, अल्ट्रासाउंड सेंटर के विरुद्ध अभियान चलाया गया। कुल 375 जांच हुई। इसमें 260 अपंजीकृत संस्थानों को नोटिस दिया गया और 53 केंद्रों को सील किया गया।
इस दौरान एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, एसीएमओ डॉ. एचके सिन्हा, सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डीपीओ कृष्ण कांत राय, अरबन नोडल अधिकारी डॉ. आरपी यादव, डॉ. हरेंद्र कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा, डीपीएम पूनम, डीसीपीएम डॉ. राजेश गुप्ता, एआरओ राकेश चंद्र, जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल सहित डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, सीफार, पाथ, यूपीटीएसयू, यूएनडीपी, प्रतिनिधियों सहित सभी एमओआईसी मौजूद रहे।