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Deoria News: डीजे का शोर दे रहा दर्द... दहल रहा दिल

Tue, 29 Jul 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। आस्था के नाम पर तेज आवाज में डीजे बजकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। बरहज से लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कानफाड़ू डीजे की धुन पर रातभर यात्रा करने से उस क्षेत्र के लोगों की नींद हराम हो रही है।
वहीं बुजुर्ग और मरीजों को दिक्कत हो रही है। तेज आवाज से कान में दिक्कत के साथ ही माइग्रेन और हृदय रोग के मरीजों को परेशानी हो सकती है।
शादी-विवाह हो या त्योहार डीजे की तेज आवाज से लोगों को दिक्कत होती है। इन दिनों सावन मास में जिले के विभिन्न हिस्सों से शिव भक्त डीजे की तेज धुन पर थिरकते हुए जल भरने बरहज जाते हैं।
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विशेष कर रविवार और बृहस्पतिवार की शाम से लोग जल भरने के लिए समूह में निकल रहे हैं। कानफोड़ू डीजे की आवाज पर भक्ति गीत बजाते हुए थिरकते निकलते हैं। वहां से भी तेज धुनों पर जल कर गंतव्य को रवाना होते हैं।
इस तेज आवाज का दुष्प्रभाव कुछ लोगों के कानों के सुनने की क्षमता पर पड़ सकता है। 90 डेसिबल से अधिक तेज आवाज से लोग कान की बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं। आवाज इतनी तेज रहती है कि घर जैसे दलक जा रहे हैं।
पास में ही एक-दूसरे की बात सुनाई नहीं देती है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज आवाज से माइग्रेन के मरीज को सिर दर्द, हृदय रोग के मरीजों को बेचैनी, घबराहट, सीने व दिल की धड़कन बढ़ने से दिक्कत हो सकती है।
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मेडिकल कॉलेज देवरिया के ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि तेज आवाज से कान में दिक्कत हो सकती है।
कान में दर्द, जिनकी नसें कमजोर हैं, उन्हें सुनाई देना बंद व कम सुनाई देने, सनसनाहट बढ़ने, भारीपन की समस्या हो सकती है।
तेज आवाज से बीपी, शुगर, हर्ट, पहले से नस कमजोर होने की बीमारी से पीड़ितों तथा 50 साल से अधिक के लोगों में कान की बीमारी बढ़ सकती है। 90 डेसिबल से अधिक साउंड कान के लिए नुकसानदायक होता है।
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