आइसोलेशन वार्ड में शुरू हुई हेपेटाइटिस सी के मरीजों की डायलिसिस
देवरिया। मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस सेंटर में आइसोलेशन वार्ड उपलब्ध हो गया है। उसी में हेपेटाइटिस सी के मरीजों की डायलिसिस भी शुरू हो गई है। इससे अन्य मरीजों में संक्रमण की आशंका नहीं रहेगी। पहले यह अन्य मरीजों के साथ हेपेटाइटिस सी के मरीजों की डायलिसिस से संक्रमण की आशंका बनी रहती थी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस की व्यवस्था है। यहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र से भी मरीज डायलिसिस के लिए आते हैं। डायलिसिस सेंटर में दस बेड हैं। यहां हर रोज तीन शिफ्ट में तीस लोगों की डायलिसिस होती है। इसमें एक बेड पर हेपेटाइटिस सी के मरीजों की डायलिसिस होती है। स्टोर का सामान रखा होने के कारण एक ही वार्ड में सभी मरीजों की डायलिसिस हो रही थी, इससे संक्रमण का खतरा बना रहता था। इसे गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने एक स्टोर रूम मुहैया कराया। इसके बाद आइसोलेशन वार्ड को सुसज्जित किया गया। अब इस वार्ड में हेपेटाइसिस सी के मरीजों डायलिसिस भी शुरू कर दी गई।
सेंटर में ये हैं कर्मचारी
डायलिसिस सेंटर में कुल नौ कर्मचारी तैनात हैं। इसमें एक चिकित्सक, एक सेंटर मैनेजर, दो सीनियर टेक्नीशियन, एक जूनियर टेक्नीशियन, एक स्टाफ नर्स, एक वार्ड ब्वाय व दो हाउस कीपिंग स्टाफ हैं।
एक बाथरूम होने से दिक्कत
डायलिसिस सेंटर में एक ही बाथरूम होने से कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। इस बाथरूम का मरीज से लेकर सभी लोग प्रयोग करते हैं। इससे संक्रमण की आशंका बनी रही है। सेंटर में हर रोज तकरीबन डेढ़ सौ लोगों का आना-जाना होता है। इन स्थान पर एक ही बाथरूम है। इसमें कर्मचारियों के साथ ही मरीज, तीमारदार तथा आसपास के विभाग लोग भी जाते हैं। ऐसे में कर्मचारियों से लेकर अन्य तीमारदारों को संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। अलग बाथरूम न होने से महिला कर्मचारियों को दिक्कत होती है।
डायलिसिस सेंटर के लिए स्टोर उपलब्ध करा दिया गया है। सेंटर में आइसोलेशन वार्ड को सुसज्जित कर दिया गया है। हेपेटाइटिस सी के मरीजों की अलग से डायलिसिस के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार हो गया है। सेंटर में एक बाथरूम होने से परेशानी है। इस समस्या का भी जल्द समाधान हो जाएगा। इसके अलावा जो भी कमियां हैं, उसे भी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आइसोलेशन वार्ड में बेड बढ़ाने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर को पत्र भेजा गया है। -डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक