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Deoria News: स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से कंप्यूटर विजन सिंड्रोम का खतरा

Sun, 01 Sep 2024 11:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। स्क्रीन पर देर तक समय बिताने से आंखों में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम का खतरा हो सकता है। इससे निकलने वाली तरंगों से आंखों पर असर पड़ता है। इससे आंखों में सूखापन, चुभन, जलन, धुंधली दृष्टि और सिरदर्द की शिकायतें आ रही हैं। वहीं बच्चों के मानसिक विकास, बौद्धिक क्षमता पर असर पड़ रहा है। ओपीडी में इस तरह के रोजाना 50 मरीज आते हैं, जिसमें 25 से 30 बच्चे होते हैं। डॉक्टर दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटाप, टैब, टीबी जैसी ऑन स्क्रीन गतिविधियां अधिक समय तक करना नुकसानदेय साबित हो रहा है। इससे आंखों में दिक्कत होती है, धीरे-धीरे नेत्र से संबंधित बीमारी से पीड़ित हो जाते हैं। स्क्रीन पर बिना पलक झपकाएं लगातार नजर टिकाए रखने से आंख में सूखापन हो जाता है, जिससे परेशानी होती है। कोरोना काल के बाद से इस तरह के इस तरह की समस्या अधिक देखी जा रही है। इससे छह माह के बच्चे से लेकर 80 वर्ष तक के वृद्ध प्रभावित हो रहे हैं। इसकी मुख्य वजह जागरूकता की कमी है। सामान्य: पलकें एक मिनट में 4 से 5 बार झपकती हैं। इसकी वजह से आंखों में निकलने वाली आंसू की पतली फिल्म लगातार बनती रहती है। इससे आंखों में सूखापन महसूस नहीं होता और इसमें मौजूद सुरक्षात्मक रसायन हमें विभिन्न संक्रमण एवं वातावरण में मौजूद प्रदूषण से सुरक्षा करती है।
जब स्क्रीन पर बिना पलक झपकाए नजर टिकाए रखते हैं तो आंसू की सुरक्षात्मक सतह वातावरण की गर्मी से वाष्पीकृत हो जाती है और पलक न झपकने से नई सतह नहीं बन पाती, जिससे दिक्कत होती है। लोग रात में साेते समय शयन कक्ष में लाइट बंद कर मोबाइल व टीवी देर तक देखते हैं। मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन से आंखों पर बुरा असर पड़ता है। ऑन स्क्रीन गतिविधियों के कारण छोटे बच्चों में दृष्टि दोष हो रहा है, उनके मानसिक विकास, पढ़ने की एकाग्रता, व्यवहार, बौद्धिक क्षमता, समाज में उनके व्यवहार में काफी कमियां देखने को मिल रही हैं।
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स्क्रीन गतिविधियां सोने से दो घंटे पहले और लगातार नहीं करनी चाहिए। आंख में परेशानी होने पर नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर आंख में समय से दवा डालनी चाहिए। वहीं इसे लेकर लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। मोबाइल की सही उपयोगिता पर स्कूल, कार्यस्थल पर कार्यशाला का आयोजन भी जरूरी है।
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-डॉ. प्रकाश श्रीवास्तव, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज

ये करें बचाव
- ऑन स्क्रीन गतिविधियां कम करें, सोने से डेढ़ से दो घंटे पहले स्क्रीन गतिविधियों को बंद कर दें।

- कंप्यूटर पर काम करते समय हर 20 मिनट पर 20 सेकेंड के लिए नजर हटा कर 20 फीट दूर देखें।

- तीन से चार घंटे पर ताजे पानी से आंख धोएं, अधिक पानी पीएं, लाल, पीले फल, हरी सब्जी का सेवन करें।
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