Deoria News: भारी सुरक्षा के बीच सत्यप्रकाश दूबे का बेटा देवेश घर पहुंचा। घर की दहलीज में पैर रखते ही देवेश फूट-फूट कर रोने लगा। उसकी चीत्कार से वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बोला- हत्यारों ने मेरी दुनिया ही उजाड़ दी। अब किसके लिए जिंदा रहूं।
देवरिया के रुद्रपुर कोतवाली के फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड में माता-पिता, दो बहनों और एक भाई को खो चुका सत्यप्रकाश का बड़ा बेटा देवेश शनिवार को घटना के छह दिन बाद अपने घर पहुंचा। घर की दहलीज में पैर रखते ही फूट-फूट कर रोने लगा।
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उसकी चीत्कार से वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। मकान की ओर बढ़ते समय उसके कदम लड़खड़ा जा रहे थे। घर की हालत देख सिर वह सिर पकड़कर बैठ गया। बोला- हत्यारों ने मेरी दुनिया ही उजाड़ दी। अब किसके लिए जिंदा रहूं। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह संभाला।
मकान के अंदर भाई गांधी के कपड़े बिखरे पड़े थे। कपड़ों को सीने से लगाकर देवेश चिल्लाने लगा। रोते हुए कहा- गांधी जयंती के दिन पैदा हुआ था मेरा भाई दीपेश, इसीलिए सभी उसे गांधी बुलाते थे। जन्मदिन के दिन ही उसकी हत्या हो गई।
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हत्यारों ने मासूम भाई-बहनों की जान लेते समय भी क्रूरता की सीमा लांघ दी। घर में मां का बॉक्स और बहनों का सामान बिखरा था। हमलावरों ने पांच लोगों की हत्या के बाद कटरेन के मकान को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। करीब एक घंटे तक मकान पर रहने के बाद देवेश अपनी मां का बॉक्स लेकर देवरिया लौट गया।
भारी सुरक्षा के बीच पुलिस की जीप में देवेश को उसके घर लाया गया था। मकान की हालत देखकर वह कुछ बोलने की हालत में नहीं रह गया था। अपने घर से जाते समय भी देवेश पुलिस की जीप में हाथों से मुंह को ढंककर रो रहा था।
एक परिवार के पांच लोगों समेत छह की हत्या
आपको बता दें कि देवरिया के कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में सोमवार को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। हत्या से आक्रोशित पूर्व जिला पंचायत सदस्य पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की गोली मारकर और धारदार से वार कर हत्या कर दी। सबसे छोटे बेटे की हालत में सुधार हो रहा है।
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश तेज
फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड के फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तारी के लिए गठित आठ टीमें आरोपियों की तलाश में उनके सगे-संबंधियों के वहां छापे मार रही है। नामजद 27 आरोपियों में से सात अब भी फरार हैं। वहीं, गांव वालों से पूछताछ कर 50 अज्ञात आरोपियों की पहचान करने में भी पुलिस जुटी हुई है।
पुलिस फरार आरोपियों के बैंक खातों पर भी लगातार नजर बनाए हुए है। इसके आधार पर पुलिस आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। अज्ञात 10 आरोपियों की पहचान पुलिस ने कर ली है।
देवरिया के फतेहपुर के अभयपुर टोला निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव (45) का उसी गांव के लेड़हा टोला निवासी सत्यप्रकाश दूबे से लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा था। सत्यप्रकाश के भाई ज्ञानप्रकाश ने अपने हिस्से की दस बीघा जमीन प्रेमचंद यादव को बैनामा कर दी है। विवाद की जड़ यह जमीन ही है जिसपर एक मुकदमा दीवानी न्यायालय में चल रहा है।
सोमवार की सुबह प्रेमचंद यादव बाइक से अपने खेतों का मुआयना करने गए थे। इसके बाद वह लेड़हा टोले पर सत्यप्रकाश दूबे के घर मुकदमे में सुलह-समझौते की बात करने चले गए। बातचीत के दौरान विवाद हो गया। आरोप है कि सत्यप्रकाश और उनके घर के लोगों ने प्रेमचंद यादव पर धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या कर दी।
हत्या की सूचना मिलने पर प्रेमचंद के घर और टोले के लोगों ने लाठी-डंडे और असलहे लेकर सत्यप्रकाश के घर पर धावा बोल दिया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने सत्यप्रकाश (50), उनकी पत्नी किरन (48), बेटी सलोनी (18), नंदनी (8) और पुत्र गांधी (15) को लाठी-डंडे से पीटकर कर और गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी।
वहीं, दस साल का पुत्र अनमोल बुरी तरह घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल हो गया।