1999 में भूमि विवाद में रिटायर्ड फौजी ने पिता और भाई की तीन संतानों को जान से मार डाला था। चार लोगों की जघन्य हत्या से रुद्रपुर दहला उठा था। जमीन के चक्कर में पिता-पुत्र और भाई का रिश्ता कलंकित हुआ था। मछरिहवा हत्याकांड के 25 वर्ष बाद फतेहपुर में छह लोगों की जघन्य हत्या हुई है।
जमीन के चक्कर में रुद्रपुर क्षेत्र में न केवल जघन्य हत्याएं हुई बल्कि जमीन जायदाद के लिए लोग इतने अंधे हो गए कि उन्हें अपने खून के रिश्ते का भी कत्ल करने में शर्म नहीं आई। फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड के बाद बीते वर्षों में हुई लोमहर्षक घटनाओं की चर्चा आम होने लगी है।
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फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड में जिस बेरहमी से छोटे बच्चों का कत्ल किया गया उसे देखकर एक बार फिर मछरिहवां कांड की याद ताजा हो जा रही है। 22 अप्रैल 1999 को कोतवाली थाने के मछरिहवां में भी सुबह एक सिरफिरे रिटायर्ड फौजी ने अपने पिता और भाई के तीन बच्चों को काट डाला था।
जमीन के झगड़े में रिटायर्ड फौजी और उसके तीन बेटों ने मिलकर चार लोगों की हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड से पूरा प्रदेश दहल गया था। घटना रुद्रपुर कोतवाली इलाके के लक्ष्मीपुर गांव के मछरिहवा टोले में हुई थी। मछरिहवा निवासी मुंशी मल्ल के दो पुत्र संभल मल्ल और रामकेवल में संभल बड़े थे।
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वह सेना से रिटायर्ड होकर गांव आए थे। मुंशी मल्ल ने अपने बड़े बेटे संभल के व्यवहार से नाराज होकर सारी संपत्ति को छोटे बेटे की पत्नी माया मल्ल को वसीयत कर दी। जमीन की वसीयत भाई की पत्नी के नाम लिखने की जानकारी होते ही संभल ने आगबबूला होकर अपने परिवार में खून की नदी बहा दी।
जमीन के चक्कर में रुद्रपुर क्षेत्र में न केवल जघन्य हत्याएं हुई बल्कि जमीन जायदाद के लिए लोग इतने अंधे हो गए कि उन्हें अपने खून के रिश्ते का भी कत्ल करने में शर्म नहीं आई। फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड के बाद बीते वर्षों में हुई लोमहर्षक घटनाओं की चर्चा आम होने लगी है।
फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड में जिस बेरहमी से छोटे बच्चों का कत्ल किया गया उसे देखकर एक बार फिर मछरिहवां कांड की याद ताजा हो जा रही है। 22 अप्रैल 1999 को कोतवाली थाने के मछरिहवां में भी सुबह एक सिरफिरे रिटायर्ड फौजी ने अपने पिता और भाई के तीन बच्चों को काट डाला था।
जमीन के झगड़े में रिटायर्ड फौजी और उसके तीन बेटों ने मिलकर चार लोगों की हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड से पूरा प्रदेश दहल गया था। घटना रुद्रपुर कोतवाली इलाके के लक्ष्मीपुर गांव के मछरिहवा टोले में हुई थी। मछरिहवा निवासी मुंशी मल्ल के दो पुत्र संभल मल्ल और रामकेवल में संभल बड़े थे।
वह सेना से रिटायर्ड होकर गांव आए थे। मुंशी मल्ल ने अपने बड़े बेटे संभल के व्यवहार से नाराज होकर सारी संपत्ति को छोटे बेटे की पत्नी माया मल्ल को वसीयत कर दी। जमीन की वसीयत भाई की पत्नी के नाम लिखने की जानकारी होते ही संभल ने आगबबूला होकर अपने परिवार में खून की नदी बहा दी।
एक परिवार के पांच लोगों समेत छह की हत्या
आपको बता दें कि देवरिया के कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में सोमवार को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। हत्या से आक्रोशित पूर्व जिला पंचायत सदस्य पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की गोली मारकर और धारदार से वार कर हत्या कर दी। सबसे छोटे बेटे की हालत में सुधार हो रहा है। पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।