देवरिया। विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर 1947 के ऐतिहासिक विभाजन में अपनी जान गंवाने वाले लाखों व्यक्तियों के सम्मान में बुधवार को एक मौन जुलूस का आयोजन किया गया। मौन जुलूस न्यू कॉलोनी स्थित पार्क से प्रारंभ होकर जलकल रोड, कोतवाली रोड होते हुए जीआईसी पहुंची, जहां विभाजन की त्रासद गाथा को व्यक्त करने वाली प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि 1947 में भारतीय उपमहाद्वीप में लोगों का बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ था। लगभग 10 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कहा कि विभाजन की त्रासदी झेलने वाले लोगों के दुखों को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। उनके सम्मान में विभाजन से जुड़े राष्ट्रीय अभिलेखागार के अभिलेखों का प्रदर्शन किया गया है। विभाजन में अंग्रेजों की भूमिका, मुस्लिम लीग की भूमिका, विभाजन के दौरान अनिश्चित भविष्य की यात्रा करते लोग, तत्कालीन प्रेस का नजरिया, महिलाओं के साथ हुई हिंसा की भयावहता को उकेरते चित्र शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लोगों को राष्ट्र की एकता व अखंडता सुरिक्षत रखने के लिए शपथ भी दिलाई गई।
इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, डीआईओएस शिव नारायण सिंह, जीआईसी के प्रधानाचार्य राम किंकर मिश्रा, एडीआईओएस महेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे।