देवरिया। जिले के मेडिकल कॉलेज में लगातार डेंगू मरीज मिल रहे हैं। इसे देख नगर पालिका सख्त हो गया है। नगर पालिका पूरी तरह से एक्शन मोड में है। नगर पालिका की तरफ से वार्डाेंं में रोस्टर के अनुसार फाॅगिंग कराया जा रहा है। एक दिन में कम से कम चार मोहल्लों में फाॅगिंग कराया जा रहा है। वहीं विस्तारित क्षेत्रों व नए वार्डों में एक दिन छोड़कर छिड़काव कराया जा रहा है।
बता दें कि जिले में इन दिनों करीब 30 डेंगू मरीज मिलने की पुष्टि मेडिकल कॉलेज से हुई है। पिछले वर्ष के अपेक्षा इस वर्ष मरीज मिलने की संख्या 32 से ऊपर थी। इस वर्ष अरबन व ग्रामीण क्षेत्रों में काफी कम मरीज मिले हैं। मरीज मिलने की सूचना के बाद स्वास्थ्य महकमा व मलेरिया विभाग के साथ नगर पालिका भी सजग व सचेत हो गया है। नगर पालिका के ईओ संजय कुमार तिवारी ने छिड़काव व फाॅगिंग में तेजी लाने का निर्देश दिया। इओ ने बताया कि शहर के पुराने वार्डों में रोस्टर के अनुसार लगातार फाॅगिंग कराया जा रहा है। इसी तरह शहर के विस्तारित क्षेत्रों व नए वार्डों में फाॅगिंग के साथ छिड़काव लगातार कराया जा रहा है। इन क्षेत्रों में एंटी लार्वा का एक दिन गैप करके छिड़काव हो रहा है। वहीं मेडिकल कॉलेज में मरीज मिलने की पुष्टि होने के बाद अगर अरबन क्षेत्र का है तो उस क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है। यह अभियान लगातार चलेगा। साथ ही लोगों को डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
32 संदिग्ध मरीजों में से नौ में हुई पुष्टि
राजस्थान, कनार्टक, दिल्ली, मुंबई, गुजरात से आने वाले लोगों में डेंगू के लक्षण मिल रहे हैं। अब तक जिले में डेंगू के 32 संदिग्ध मरीज मेडिकल कॉलेज में आए हैं। इसमें गैर प्रांत से आने वाले पीड़ितों की संख्या करीब 28 रही। इसमें बिहार प्रांत, कुशीनगर जिले के एक-एक मरीज शामिल हैं, जबकि चार लोग जिले के रहे। अब तक मरीजों में एलाइजा जांच के बाद नौ में डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के बाद स्वस्थ होने पर सभी को छुट्टी दे दी गई। वहीं मलेरिया विभाग सोर्स डिडेक्शन करने के साथ लोगों को जागरूक कर रही है। जबकि नगर पालिका की ओर से रोस्टर बनाकर फाॅगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। 13 जुलाई से अब तक डेंगू के संदिग्ध 32 मरीज भर्ती किए गए हैं। इसमें गुजरात के विभिन्न शहरों से आने वाले करीब छह, मुंबई से चार, दिल्ली से चार और कोलकाता से आने वाले दो, कनार्टक, राजस्थान सहित अन्य स्थानों सहित 26 संदिग्ध मरीजों को भर्ती कराया गया। इसके अलावा बिहार प्रांत व कुशीनगर के एक-एक व जिले के चार मरीजों को भर्ती किया गया। सभी के ब्लड की जांच कराई जा रही है। एलाइजा जांच में नौ लोग में डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वस्थ होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। इस समय अस्पताल में संभावित चार मरीजों का इलाज चल रहा है। मरीज की सूचना मिलने पर रैपिड रिस्पांस टीम मरीज के घर पहुंच रही है और सभी सदस्यों की जांच कराई जा रही है।
संवेदनशील क्षेत्र किए गए चिह्नित
मलेरिया विभाग पिछले साल अधिक केस मिलने वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखे हैं। इसके मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। इसमें देवरिया शहर में चार वार्ड व सलेमपुर, भाटपाररानी, भटनी क्षेत्र के कुछ इलाकों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में घर-घर सोर्स डिडेक्शन कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके छह टीमें लगाई गई हैं। हर टीम में दो-दो लोग शामिल हैं।
कोट
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में 20 बेड और सभी सीएचसी पर पांच बेड का वार्ड तैयार किए गए हैं। मेडिकल काॅलेज सहित सभी सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर दवा के साथ डेंगू की जांच किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है, जो घर-घर जाकर जागरूक कर रही हैं। रैपिड रिस्पांस टीम का गठित की गई है, जो डेंगू के केस मिलने पर तत्काल मरीज के घर पहुंचकर सभी सदस्यों की जांच कर रही हैं।
-डॉ. राजेश झा, सीएमओ
कोट
अस्पताल में डेंगू के संभावित चार मरीजों को भर्ती किए गए है। उनका इलाज चल रहा है। डेंगू को लेकर जागरूक होने की जरूरत है। बचाव के लिए सावधानी जरूरी है। अस्पताल में जांच और इलाज की निशुल्क सुविधा है। अभी तक संभावित 32 मरीज आए हैं। इसमें नौ पाॅजिटिव मिले हैं। स्वस्थ होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस