हर महीने 30 से 35 वादों का निस्तारण किया गया है, जो काफी दिनों से लंबित थे। सीआरओ रजनीश राय ने बताया कि राजस्व वाद को लेकर गंभीरता बरती जा रही है जो लंबित मामले में है उनके निस्तारण की योजना बनाई गई है।
समीक्षा के दौरान पाया गया था कि निस्तारण में लापरवाही बरते हैं जिनके कारण समयबद्ध तरीके से मामला निस्तारित नहीं हो सका है। जबकि दूसरी तरफ यह भी देखने को मिलता है कि पुलिस से संबंधित अधिकांश मामलों में हल्का सिपाही को भेजकर जांच कराई जाती है। इसके कारण लोगों की शिकायत होती है कि मामला निस्तारित न होने के बाद भी निस्तारण की रिपोर्ट लगा दी जाती है।