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Deoria Case: प्रेम के हत्यारोपियों में कोई जिंदा नहीं... राइफल-तमंचों से बरसाई थीं दूबे और परिवार पर गोलियां

Sat, 07 Oct 2023 10:37 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया

सार

प्रेमचंद की हत्या के केस में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगाएगी। सत्यप्रकाश दूबे, उनकी पत्नी, दो बेटियों और एक पुत्र पर हत्या का आरोप है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, सत्यप्रकाश और परिवार पर राइफल और तमंचों से गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतारा गया था।
 
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देवरिया सामूहिक हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव की हत्या में दर्ज केस में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी में है, क्योंकि इस मामले में नामजद कोई भी आरोपी जिंदा नहीं है। इसके चलते पुलिस रिपोर्ट लगाकर केस को बंद करेगी।
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रुद्रपुर कोतवाली के लेड़हा टोले में छह लोगों की हत्या के बाद दो केस दर्ज हुए थे। इसमें अनिरुद्ध यादव की तहरीर पर प्रेम की हत्या के मामले में सत्यप्रकाश दूबे, उनकी पत्नी किरन दूबे, बेटी सलोनी और नंदनी व पुत्र गांधी दूबे के खिलाफ बलवा, मारपीट और हत्या का केस दर्ज हुआ था। 

इस मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक रुद्रपुर कोतवाली कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों केस की विवेचना शुरू हो गई है। इसमें प्रेम की हत्या का कोई आरोपी जीवित नहीं है। इसके कारण पुलिस इस मामले में न तो कोई गिरफ्तारी कर सकती है और न ही आगे की कार्रवाई। पर कानूनी तौर पर पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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ऐसे में पुलिस आने वाले समय केस नंबर 415/2023 की विवेचना में फाइनल रिपोर्ट लगाएगी। इस मामले में मृत आरोपियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट साक्ष्य के रूप में लगाई जाएगी। फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस को बंद किया जाएगा और न्यायालय के समक्ष पुलिस प्रेषित कर देगी, ताकि इसमें आगे कोई मुकदमा भी नहीं चल सके। इसकी तैयारी विवेचक ने शुरू कर दी है। एएसपी ने बताया कि जब सभी आरोपी मृत हैं तो केस में फाइनल रिपोर्ट लगाई जाएगी।
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उधर, देवरिया के फतेहपुर के लेड़हा टोले में सत्यप्रकाश दूबे और उनके परिवार के दो अन्य सदस्यों की हत्या गोली मारकर की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से दो को राइफल और एक को तमंचों से गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतारा गया था। 

वहीं, परिवार के दो अन्य सदस्यों की हत्या धारदार हथियार से वार कर की गई थी। अब पुलिस के लिए हत्याकांड में प्रयुक्त असलहों की बरामदगी चुनौती बनी हुई है। इन असलहों की बरामदगी और उनकी बैलेस्टिक रिपोर्ट आरोपियों को दोष सिद्ध करने में अहम कड़ी साबित होगी। वहीं, इनसे घटना में और लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव की पत्नी शीला के अनुसार, घटना के दिन सुबह किसी का फोन आने पर पति बाइक से निकले थे। वहीं, घटनास्थल से सत्यप्रकाश दूबे और उनके परिजनों के मोबाइल भी बरामद नहीं किए जा सके हैं।
 

बताया जा रहा है कि दरवाजे पर प्रेम यादव की मौत के बाद सत्यप्रकाश दूबे के परिजनों ने पुलिस और सगे संबंधियों को घटना की सूचना दी थी। इसके कुछ देर बाद ही आक्रोशित भीड़ सत्यप्रकाश के दरवाजे पर पहुंच गई और पांच लोगों की हत्या कर दी गई।

 

दोनों पक्षों के मारे गए लोगों के मोबाइल फोन से अन्य संदिग्धों की भूमिका का राज खुल सकता है, क्योंकि इस घटना में कई असलहों का इस्तेमाल हुआ है। इसके कारण पुलिस अभयपुरा और प्रेम के करीबियों के असलहों के बारे में जानकारी जुटा रही है, ताकि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि केस के हर पहलुओं पर गहनता से जांच चल रही है। सीडीआर से दोनों तरफ से हुई बातों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। असलहों की तलाश की जा रही है।

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