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देवरिया सामूहिक हत्याकांड: प्रेम यादव ने सिर्फ 21 लाख में लिखवा ली थी 1.30 करोड़ की जमीन, नवनाथ बना था गवाह

Wed, 11 Oct 2023 10:43 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया

सार

देवरिया के फतेहपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड की जांच में नया खुलासा हुआ है। प्रेम यादव ने 1.30 करोड़ की जमीन को सिर्फ 21 लाख में लिखवा लिया था। बैनामे के दस्तावेज के मुताबिक, विक्रेता को 21 लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि उसी दस्तावेज पर जमीन की सरकारी कीमत 1.30 करोड़ रुपये अंकित है। बैनामे में सामूहिक हत्याकांड का मुख्य आरोपी नवनाथ मिश्रा उर्फ पट्टू गवाह है।
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देवरिया हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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देवरिया के फतेहपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए तथ्य भी सामने आने लगे हैं। जिस जमीन के विवाद में छह लोगों की हत्या हो गई, उसकी सरकारी कीमत 1.30 करोड़ रुपये बताई जा रही है, लेकिन प्रेम यादव और उसके भाई रामजी यादव ने इसका सिर्फ 21 लाख रुपये में बैनामा करा लिया था।
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बैनामे के दस्तावेज के मुताबिक, विक्रेता को 21 लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि उसी दस्तावेज पर जमीन की सरकारी कीमत 1.30 करोड़ रुपये अंकित है। बैनामे में सामूहिक हत्याकांड का मुख्य आरोपी नवनाथ मिश्रा उर्फ पट्टू गवाह है।

यह जमीन सत्यप्रकाश के भाई ज्ञानप्रकाश दूबे की थी। ज्ञानप्रकाश दूबे गुजरात में कमा रहे थे। 2014 में वह घर लौटे, तो उनकी भाभी किरन देवी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। भाभी से मनमुटाव होने पर वह घर छोड़कर चले गए। उस समय गांव की प्रधानी प्रेम यादव के घर में थी। 
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लेड़हा टोले में ज्ञानप्रकाश के हिस्से की 1.314 हेक्टेयर (लगभग पांच बीघा) जमीन है। वहीं, उसके हिस्से में भाटपाररानी में भी जमीन थी। इतनी बड़ी संपत्ति का मालिक होने के बाद भी ज्ञान प्रकाश को रोटी के लिए दर-दर की ठोकर खानी पड़ी। प्रेम के परिवार में उसे ठौर मिला, तो वह अपनी सारी संपत्ति देने को राजी हो गया।

प्रेम के भाई रामजी की पहल पर वह लेड़हा की जमीन बैनामा करने को राजी हो गया। सात जुलाई 2014 को बैनामे के दस्तावेज तैयार कर दोनों पक्ष निबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री कराने पहुंचे। तत्कालीन रजिस्ट्रार बाल्मिकी तिवारी ने विक्रेता के बैंक खाते में जमीन की कीमत नहीं दिखा पाने पर बैनामा रोक दिया।

 

उस समय रजिस्ट्री रुक जाने पर प्रेम यादव ने रजिस्ट्रार पर जिले के सपा नेताओं से दबाव भी बनवाया था। लेकिन खाते में जब तक रकम नहीं दिखाई गई तो रजिस्ट्री की कार्रवाई पूरा करने के लिए अधिकारी तैयार नहीं हुए।

 

थक-हार कर प्रेम को ज्ञानप्रकाश के नाम पकड़ी बाजार के एक बैंक में खाता खुलवाकर 10 लाख रुपये जमा कराने पड़े। दस्तावेज प्रस्तुत करने के तीन दिन बाद 10 जुलाई 2014 को विक्रेता के खाते में रकम पहुंचने के बाद रजिस्ट्री की कार्रवाई की गई। इसके बाद यह रकम फिर कहां गई, इसकी जानकारी नहीं है।

 

पुलिस और राजस्व विभाग को भनक लगी है कि यह रकम प्रेम के खाते में ही ट्रांसफर हो गई और कुछ नकद दे दी गई। इसके एक साल बाद ही पंचायत चुनाव चल रहा था। इसमें भी ज्ञान प्रकाश ने प्रेम की मदद की थी। ऐसी संपत्तियों का राजस्व विभाग अब पूरा ब्योरा खंगालने में जुट गया है।

11 लाख नगद देकर लिखवाई थी दूसरे गांव की 50 लाख की भूमि
रुद्रपुर के फतेहपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के बाद खामपार थाना क्षेत्र का केहुनिया गांव चर्चा में है, क्योंकि यह सत्यप्रकाश का दूसरा गांव है। यहां भी दोनों भाइयों के नाम बराबर-बराबर हिस्सा है। इसका कारण यह है कि सत्यप्रकाश दूबे परिवार का रिश्ता केहुनिया गांव से भी रहा और प्रेमचंद के तार इस गांव तक भी फैल गया था। 

 

दूसरे की जमीन कब्जा व लिखवाने में शायद प्रेमचंद को महारथ हासिल थी। इसकी बदौलत उसने अपने तार पूरे जनपद में फैला रखे थे। वही जमीन उसके जी का जंजाल भी बन गई। केहुनिया गांव में जमीन तीन भाइयों के नाम ओमप्रकाश, सत्यप्रकाश, ज्ञानप्रकाश पुत्र जनार्दन के नाम दर्ज है। यहां भी प्रेम प्रकाश यादव ने सत्यप्रकाश दुबे के भाई ज्ञान प्रकाश उर्फ साधु दुबे से वर्ष 2014 में उनका 1/3 हिस्सा 703 एयर यानी कि लगभग 50 कट्ठा भूमि 11 लाख रुपये में (जैसा कि प्रतिफल के रूप में दर्शाया गया है) बैनामा करा लिया था। 

 
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जानकारी होने के बाद सत्यप्रकाश ने इस पर तहसीलदार कोर्ट भाटपाररानी में आपत्ति डाली थी। इसका वाद अभी भी विचाराधीन है और जमीन का खारिज-दाखिल आज तक नहीं हुआ है। इस जमीन का भी पूरा ब्योरा राजस्व विभाग खंगाल रहा है। 

ये है पूरा मामला
बता दें कि देवरिया जिले में रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में 2 अक्तूबर को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। इससे गुस्साएं पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति, पत्नी और उसकी तीन संतानों को गोली मारकर और धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी, जबकि एक बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया है।

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