जनवरी की तरह सुबह घना कोहरा, किसानों के मन फसल के नुकसान का डर
देवरिया, बघौचघाट। अप्रैल के पहले सप्ताह में ही मई, जून की तरह तेज धूप और गर्मी के बीच सोमवार की सुबह घने कोहरे से घिरी रही। जब किसान सुबह खेती-किसानी के लिए निकले तो खेतों में गेहूं की फसल और, आम के बौर कोहरा से ढके थे। मौसम के इस परिवर्तन ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह परिवर्तन आम और लीची के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में अपने बागों पर दवा का छिड़काव अवश्य करें।
सदर विकास खंड के परसिया अहीर गांव निवासी किसान विजय कुमार ने बताया कि ऐसा कोहरा गर्मी के दिन में नहीं देखने को मिला था। जिससे सुबह के समय गेहूं की कटाई कुछ घंटों के लिए बाधित हो गई थी। इजरही गांव निवासी अजीत कुमार ने बताया कि आम के बाग में बौर पर घना कोहरा जमा हुआ था। जैसे लग रहा था कि जाड़े का मौसम है। धमऊर गांव के किसान रामअशीष ने बताया कि घना कोहरा देख कर डर लगने लग रहा था कि ओला और आंधी न आ जाए। कुछ देेर बाद धूप निकल आई तो थोड़ी राहत महसूस हुई।
इस तरह से अचानक मौसम में बदलाव कभी हम लोगों ने नहीं देखा था। इसका असर आम और लीची की फसल पर पड़ेगा। किसान अपनी बागवानी पर दवा का छिड़काव जरूर करें। ताकि नुकसान से बचाया जा सके।
- डॉ रजनीश श्रीवास्तव, कृषि वैज्ञानिक, मल्हनी कृषि विज्ञान केंद्र
इस तरह के अचानक परिवर्तन से मौसम खराब होता है। एक सप्ताह के अंदर बारिश व धूल भरी आंधी आ सकती है, गेंहू की कटाई में विलंब हो सकता है।
- आनंद स्वरूप, सेवानिवृत्त वैज्ञानिक, बनारस कृषि विज्ञान केंद्र
ग्लोबल वार्मिंग के चलते ऐसा परिवर्तन मौसम में हुआ है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। आम और लीची के बौर पर दवा का छिड़काव जरूर करें। कोहरे का असर आम व लीची के बौर पर पड़ सकता है।
- मुजम्मिल अंसारी, जिला कृषि अधिकारी