देवरिया। चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज करने की मांग अदालत ने नामंजूर कर दी। अपर जिला न्यायाधीश कक्ष संख्या एक की अदालत ने प्रतिपक्षी श्रीराम यादव का प्रार्थनापत्र निरस्त करते हुए याचिकाकर्ताओं को 15 दिन के भीतर नोटरी शपथपत्र दाखिल करने और याचिका के सत्यापन में जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
श्रीराम यादव की ओर से दलील दी गई थी कि चुनाव याचिका का सही ढंग से सत्यापन नहीं किया गया है और यह नोटरी शपथपत्र से समर्थित नहीं है। जमानत राशि जमा करने और चुनाव अधिकारी को पक्षकार नहीं बनाने पर भी आपत्ति जताते हुए याचिका खारिज करने की मांग की गई थी। इसके विरोध में ब्रजभूषण सिंह समेत याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि निर्धारित जमानत राशि और 250 रुपये न्याय शुल्क जमा किए गए हैं तथा याचिका सुनवाई योग्य है।
अदालत ने माना कि सत्यापन या शपथपत्र की त्रुटि सुधारी जा सकती है। चुनाव अधिकारी को पक्षकार नहीं बनाने के आधार पर भी याचिका खारिज नहीं की जा सकती। अदालत ने प्रार्थनापत्र निरस्त कर अगली सुनवाई सात अक्तूबर को तय की है। संवाद