परिश्रम की बदौलत बेटियों ने बनाई पहचान
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विशेष
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नए दौर में नया जुनून भर लो.., कोई अबला न कहे कुछ ऐसा कर लो। जिले की भी कुछ ऐसी बेटियां और महिलाएं हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों का मुकाबला कर संघर्षों की बदौलत अपनी अलग पहचान बनाई है। इसके साथ ही अपने जैसी अन्य को भी अपने हक एवं अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। साथ ही बेटियों को बोझ समझने वाली मानसिकता पर जबरदस्त प्रहार भी कर रही हैं।
प्रीति सिंह के बनाए वीडियो से ऑनलाइन भौतिकी की पढ़ाई कर रहे छात्र
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज इंदुपुर की भौतिकी की शिक्षिका एवं प्रभारी प्रधानाचार्य प्रीति सिंह के बनाए वीडियो से वर्तमान परिस्थितियों में छात्र ऑनलाइन भौतिकी की पढ़ाई कर रहे हैं। कोविड काल में इनके द्रव्य के तापीय गुण, कणों के निकाय की घुर्णीय गति, समतापीय एवं रुदोष्म प्रक्रम विषय पर बनाए नौ वीडियो पाठ को दूरदर्शन के स्वयंप्रभा चैनल के ई-विद्या-11 पर प्रसारित किया गया था। प्रदेश भर के यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों ने इसे देखा और पढ़ाई की। मंडल के जिन चार शिक्षकों के वीडियो का चयन किया गया था, उसमें देवरिया के नेहरूनगर की प्रीति अकेली महिला थीं। इसके अलावा जेडी गोरखपुर यू-ट्यूब चैनल पर भी इनके 20 वीडियो हैं। वर्ष 2010 में भौतिकी प्रवक्ता के रूप में चुनी गईं प्रीति सरस्वती विद्या मंदिर और गोरखपुर विवि से पढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं को किसी भी समस्या का डटकर सामना करना चाहिए। कोई भी परेशानी होने पर शिक्षक या परिवार के किसी सदस्य से शेयर अवश्य करें तो इसका समाधान अवश्य निकलेगा।
माता-पिता ने किया सपोर्ट, अब बिटिया बनेगी डॉक्टर
सोंदा निवासी मनोज कुमार गुप्ता एवं बबिता देवी की चार संतानों में सबसे बड़ी रिशिका गुप्ता का चयन नीट में हुआ है। उनकी आल इंडिया रैंक 3549 एवं ओबीसी रैंक 1100 है। कटेया, गोपालगंज में कपड़े के व्यापारी मनोज पिछले 14 साल से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए शहर में किराए के मकान में रहे। वर्ष 2019 सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में रिशिका जिले की टॉपर रहीं। वाराणसी में रहकर उन्होंने नीट की तैयारी शुरू की और पिछले साल जब परिणाम आया तो उन्हें बेहतर रैंक हासिल हुई। इससे सरकारी कॉलेज में उनका एडमिशन होना तय है। रिशिका ने बताया उनके माता-पिता ने अपनी बहुत सी इच्छाओं को मारकर उन्हें पढ़ाया लिखाया। वह कार्डियोलॉजिस्ट बनकर मेडिकल सेवा में बेहतर काम करना चाहती हैं।
थलसेना में चयनित होकर गीता अब करेंगी देशसेवा
मेहड़ा पुरवा निवासी किसान गुलाब यादव व पुष्पा यादव की तीन बेटियों व एक बेटे में दूसरे नंबर की गीता यादव का चयन थलसेना में जीडी के पद हुआ है। वर्तमान में वह दीनानाथ पांडेय राजकीय महिला पीजी कॉलेज स्नातक फाइनल वर्ष की छात्रा हैं। हाईस्कूल व इंटर में बेहतर अंक हासिल कर एवं एनसीसी का बी और सी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद से ही वह थलसेना में कॅरियर बनाने के लिए जुट गईं। कॉलेज के वार्षिक क्रीड़ा समारोह में भी वह विभिन्न खेलों में प्रतिभाग कर पदक जीत चुकी हैं। तीन साल की मेहनत अब रंग लाई है। गीता ने बताया कि इंटर में उनकी एनसीसी टीचर रहीं दिव्या यादव की प्रेरणा की बदौलत ही वह इस पद पर पहुंची हैं। जिले की अन्य लड़कियां भी थोड़ा सा अलग सोच रखे तो परिवार के सहयोग से वह भी इस फील्ड में आ सकती हैं।
तेज गेंदबाजी से बल्लेबाजों में दहशत पैदा करती हैं झारखंड टीम से खेल रहीं प्रियंका
मेहड़ा पुरवा के बृजनाथ चौहान व चंद्रवती देवी की तीन पुत्रियों एवं एक पुत्र में सबसे छोटी प्रियंका चौहान अपने साथी खिलाड़ियों के बीच देवरिया एक्सप्रेस के नाम से मशहूर हैं। वर्ष 2011 से रविंद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशिक्षक नीरज वाजपेयी की देखरेख में क्रिकेट का प्रशिक्षण लेने वाली इस खिलाड़ी को जब प्रदेश टीम से मौका नहीं मिला तो झारखंड की ओर से खेलना शुरू कर दिया और अब झारखंड अंडर-19 महिला टीम की अहम हिस्सा है। टीम की ओर से वह सत्र 2016-17, 2017-18 के सारे मैच खेल चुकी हैं। राइट आर्म मीडियम पेसर के रूप में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाली प्रियंका के सामने बल्लेबाज ज्यादा देर तक नहीं टिकते हैं। वह कहती हैं कि भारतीय महिला क्रिकेट की ओर से खेलना उनका सपना शुरू से रहा है और इसके लिए वह दिन-रात एक कर तैयारी कर रही है। अच्छा प्रदर्शन ही उनके लिए राह खोलेगा।