सीडब्ल्यूसी ने नहीं जमा किए अभिलेख
प्वाइंटर
- जिला प्रोबेशन अधिकारी खफा, केस दर्ज करने की तैयारी
- अध्यक्ष को कार्यालय की चाभी देकर भूमिगत हुए सदस्य
- एसआईटी बार-बार बच्चों की मॉनीटरिंग का मांग रही रिकॉर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। लापरवाही के आरोप में घिरी जिले की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य चार दिन बाद भी प्रोबेशन कार्यालय को अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके हैं। चारों सदस्य अध्यक्ष को कार्यालय का चाभी सौंपकर लापता हैं। प्रोबेशन विभाग इनके खिलाफ केस दर्ज कराने की तैयारी में है।
मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की मान्यता स्थगित होने के बाद भी सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने कदम-कदम पर गलतियां कीं। नियमों को दरकिनार कर बालगृह बालिका में बच्चों को रखने का कार्य संचालिका गिरिजा त्रिपाठी की मिलीभगत से बाल समिति कर रही थी। बालिका गृह में अनियमितता उजागर होने के बाद अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की जांच में भी सीडब्ल्यूसी को सबसे ज्यादा लापरवाह बताया गया है। इसी कारण सीएम ने तत्काल उसे बर्खास्त कर दिया था। 14 अगस्त को प्रोबेशन अधिकारी ने टीम को भंग किए जाने का पत्र जारी कर तत्काल इससे जुड़े अभिलेख कार्यालय को सुपुर्द करने के निर्देश दिए, लेकिन चार दिन बाद भी सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने अभिलेख जमा नहीं किए।
अध्यक्ष श्रीकांत यादव ने बताया कि चारों सदस्य कार्यालय की चाभी देकर चले गए। सभी अभिलेख उन्हीं के पास है। बाल कल्याण समिति की ओर से बच्चों की मॉनीटरिंग व अन्य रिकॉर्ड की मांग एसआईटी के सदस्य कर रहे हैं, जो अभी तक उपलब्ध नहीं हो सका है। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि कमेटी भंग होने का पत्र चार दिन पूर्व दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक अभिलेख नहीं जमा किया गया है। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर केस दर्ज कराया जाएगा।