देवरिया। कानून के शिकंजे में फंसे जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव पर गैंगेस्टर की कार्रवाई के बाद और मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसकी वजह से जेल की सलाखों से बाहर निकलने में अभी वक्त लग सकता है। शनिवार को उसे गैंगेस्टर कोर्ट में पेशी के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया।
दीपक मणि का अपहरण कर करोड़ों की जमीन बैनामा कराने वाले रामप्रवेश यादव उर्फ बबलू जेल की हवा खा रहा हैं। इसके अलावा इनके भाई और कई करीबी भी शामिल हैं। एक सप्ताह पूर्व अपहरण कर जमीन बैनामा कराने वाले मुकदमें में आरोपी रामप्रवेश को हाईकोर्ट से जमानत मिली तो रिहाई की उम्मीद जगी, लेकिन जमानतदारों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पुलिस ने गैंगेस्टर की कार्रवाई कर दिया। इसकी वजह से जेल से रिहाई अभी संभव नहीं है। आरोपी जिला पंचायत अध्यक्ष को जेल की सलाखों से बाहर निकालने के लिए इसके करीबियों ने एड़ी चोटी लगा दिया है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई भारी पड़ रही है। शनिवार को दोपहर बाद पुलिस रामप्रवेश को गैंगेस्टर कोर्ट में पेशी के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच ले आई। जिस वाहन में उसे रखा गया था, उसकी सुरक्षा में सात से अधिक सिपाही और एक दरोगा लगे थे। उससे मिलने वाले कई लोग पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने किसी से मुलाकात नहीं कराई।