देवरिया। डीएम की जांच में क्रय केंद्र से गायब मिली महिला सचिव और उसके पति पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। औचक जांच में सरकारी बोरा का ब्योरा और क्रय किए गए गेहूं का अभिलेख नहीं दिखाए थे। पीसीएफ के जिला प्रबंधक की तहरीर पर भलुअनी पुलिस ने कार्रवाई की है। केंद्र पर दूसरे कर्मचारी की नियुक्ति के लिए पीसीएफ सचिव को जिला प्रशासन की ओर से पत्र भेज दिया गया है।
डीएम सुजीत कुमार अपने मातहतों के साथ चार मई को तीन क्रय केंद्रों की जांच की थी। इसमें दो क्रय केंद्र सही मिले, जबकि गड़ेर क्रय केंद्र पर तैनात सचिव सीता जायसवाल गायब मिली। यहां मौजूद इनके पति मुन्ना क्रय केंद्र पर किसानों का गेहूं खरीद रहे थे। इसके लिए पांच हजार बोरा एलाट किया गया था, लेकिन बोरा केंद्र पर नहीं मिला। मुन्ना सरकारी बोरा का ब्योरा नहीं बता सके। इसके अलावा केंद्र पर खरीदे गए गेहूं की उपलब्धता और इससे जुुड़े अभिलेख भी दिखाने में असमर्थता जताई। इसको लेकर डीएम नाराज हुए और जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जितेेंद्र यादव और कोऑपरेटिव एआर से प्रकरण की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा। इसमें अनधिकृत रूप से मुन्ना का कार्य करने समेत कई अनियमितताएं सामने आई। इस मामले में डीएम के निर्देश पर भलुअनी पुलिस ने सचिव सीता जायसवाल और इनके पति मुन्ना पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। एसआई शशिकांत पांडेय ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है।