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सीएचसी अधीक्षक पर हमला, स्वास्थ्यकर्मी भड़के

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अस्पताल बंद कर प्रदर्शन करते डॉक्टर और कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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लार। सीएचसी परिसर में चल रहे इंटरलॉकिंग कार्य को लेकर विवाद में कुछ लोगों ने अधीक्षक पर हमला कर दिया। भूमि को अपना बताते हुए हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी लेकर दौड़ा लिया। किसी तरह कमरे में घुसकर अधीक्षक ने खुद को बचाया। इससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मची रही। घटना से क्षुब्ध होकर स्वास्थ्यकर्मियों ने सीएचसी में कामकाज ठप कर दिया। मुख्य गेट पर ताला जड़कर हड़ताल पर चले गए। नारेबाजी कर गुस्सा जताते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। दोपहर बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देकर शांत कराया।
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स्थानीय सीएचसी परिसर में इंटरलॉकिंग का कार्य चल रहा है। बगल के ही दो लोग इंटरलॉकिंग कार्य वाली भूमि को अपना बताते हुए विरोध कर रहे हैं। पूर्व में वह काम पर आपत्ति भी जता चुके थे। बावजूद काम नहीं रुकने से आक्रोशित होकर वह शुक्रवार की सुबह लाठी-डंडे से लैस होकर परिसर स्थित अधीक्षक के आवास पर पहुंचे। आरोप है कि गाली-गलौज करते हुए उन्होंने अधीक्षक डॉ. बीबी सिंह पर हमला बोल दिया और उनसे अभद्रता की। डॉक्टर ने कमरे में भागकर खुद को बचाया। इस दौरान तीमारदार व स्थानीय लोगों ने सूचना पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही हमलावर भाग गए। विवाद की सूचना जब स्वास्थ्य कर्मियों को मिली तो वह भड़क गए। कामकाज ठप कर हड़ताल पर चले गए। मुख्य गेट पर ताला जड़कर सीएचसी परिसर के सामने नारेबाजी की। वह आरोपियों पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। मामला बढ़ता देख प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह गौर ने अधीक्षक की तहरीर पर पिपरा चौराहे के भोला सिंह और राकेश सिंह के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट करने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक ब्रजवासी सिंह ने डीएम, एसपी और सीएमओ को इस मामले से अवगत कराया है।

ओपीडी ठप रहने से परेशान रहे मरीज
सीएचसी में ओपीडी की सेवा ठप होने से दूरदराज से पहुंचे मरीजों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। काफी देर इंतजार के बाद वह वापस लौट गए। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण इन दिनों वायरल फीवर, सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों के पीड़ितों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में ओपीडी ठप होने से मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा।
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