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फूलपुर उपचुनाव की सरगर्मी जिला जेल में दिखी

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अतीक अहमद - फोटो : self
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देवरिया। फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में पड़े मतों की गिनती भले ही वहां हो रही थी लेकिन उसकी हलचल जिला जेल में दिखी। वजह जिला जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद वहां से निर्दल प्रत्याशी के तौर पर किस्मत अजमा रहे थे। सूत्रों की मानें तो अन्य दिनों की तुलना में अतीक बुुधवार की सुबह जल्दी तैयार हो गए। इसके बाद फूलपुर में चल रही मतों की गिनती की जानकारी हासिल करने के लिए बेचैन रहे। सपा प्रत्याशी को बसपा का समर्थन मिलने के बाद अतीक को पहले ही परिणाम का आभास हो गया था लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि जनता उनका साथ देगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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जेल के भीतर से ही वकीलों के जरिए अतीक अहमद ने फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए पर्चा भरा था। अतीक के पर्चा भरने के बाद शासन उनकी गतिविधियों पर नजर रखवा रही थी। यही वजह रही कि फूलपुर में मतदान से पहले जेल के भीतर अतीक पर शिकंजा कस दिया गया। डीएम सुजीत कुमार और एसपी राकेश शंकर ने कई बार छापामारी की। मोबाइल फोन भी बरामद हुए। इसके बावजूद अतीक अपने लोगों के जरिए फूलपुर की जनता में पैठ बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे थे। ऐन मतदान से पहले नौ मार्च को उनकी पेशी इलाहाबाद हाईकोर्ट में थी। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच भोर में ही इलाहाबाद रवाना किया गया था। अतीक के समर्थक भी लक्जरी गाड़ियों से उनके साथ इलाहाबाद गए थे। इससे उनका काफिला लंबा हो गया था। कचहरी के पास उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन और बेटे उमर ने चुनावी सभा भी रखी थी। मगर अतीक का जादू वोटरों पर नहीं चल पाया। सूत्र बताते हैं कि जेल के भीतर से अतीक के पास वोटों की गिनती की खबर पहुंच रही थी। उनके मुलाकाती भी संदेश लेकर पहुंच रहे थे।
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