फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर केस: जमानत पर डेढ़ घंटे बहस...कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित; इस दिन आदेश आने की उम्मीद

Mon, 19 Jan 2026 08:37 PM IST
राहुल तिवारी संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया

सार

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत और नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका पर जिला जज कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। मामले में मंगलवार को आदेश आने की उम्मीद है।
 
विज्ञापन
अमिताभ ठाकुर। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका और नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को जिला जज की कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों याचिकाओं पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अब मंगलवार को ही इस प्रकरण में कोई आदेश आने की उम्मीद है।

विज्ञापन


पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका और नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका पर करीब डेढ़ घंटे तक बहस हुई। शासकीय अधिवक्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष मजबूती के साथ कोर्ट के समक्ष रखा। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बातों को ध्यान से सुना। अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका पर बहस हुई।

इस पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। साथ ही नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका के प्रार्थना पत्र पर बहस हुई। दोनों प्रकरण में कोर्ट ने अगली तारीख नहीं दी है। फैसला सुरक्षित रख लिया है। अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार को अब आदेश आएगा। इसके बाद ही पता चलेगा कि जमानत मिलेगी या नहीं।

वीडियो कांफ्रेंसिंग से उपस्थित रहे अमिताभ ठाकुर
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अमिताभ ठाकुर कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि जमानत याचिका पर बहस के दौरान अमिताभ ठाकुर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहे। उन्होंने कोर्ट की कार्रवाई को देखा और सुना।
विज्ञापन

नाम में हेरफेर कर इंडस्ट्रियल एरिया में प्लॉट आवंटन के आरोपी हैं नूतन-अमिताभ
अमिताभ ठाकुर वर्ष 1999 से 2002 तक जिले में बतौर एसपी तैनात रहे। उस दौरान शहर के पुरवां इंडस्ट्रियल एरिया में पत्नी नूतन ठाकुर के नाम से जमीन आवंटित कराया था। तब पत्नी का नाम नूतन देवी दर्ज कराया गया था। पति के नाम में भी अंतर था। बाद में दोनों ही नाम को दुरुस्त करा लिया गया। कुछ समय बाद यह प्लॉट उन्होंने उद्योग विभाग को सरेंडर कर दिया। इस प्रकरण में लखनऊ में पहले भी एक केस दर्ज हुआ था। जिसकी सुनवाई वहां राजस्व कोर्ट में चल रही है। इसके बाद लखनऊ निवासी संजय शर्मा ने देवरिया कोतवाली में दिसंबर में एक प्राथमिकी दर्ज करा दिया। इस मामले में पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर 11 दिसंबर को कोर्ट में पेश किया। तब से अमिताभ ठाकुर देवरिया जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें