डीके शाही बतौर इंस्पेक्टर नोएडा, लखनऊ, उन्नाव में कार्य कर चुके हैं। इंस्पेक्टर बनने के बाद सिवान के सुनील शर्मा, सलीम गैंग के शूटर रुस्तम, नरेश भाटी, शमीम आदि बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान ठिकाने लगाए तो प्रदेश सरकार ने प्रमोशन का उन्हें दूसरा इनाम दिया।
वर्ष 2001 से नौकरी की शुरुआत करने वाले डीके शाही बीस वर्ष की नौकरी के दौरान 50 बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान मार गिराने का गौरव हासिल कर चुके हैं। वर्ष 2010 में सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर और वर्ष 2018 में इंस्पेक्टर से डिप्टी एसपी बनने का गौरव प्राप्त हुआ। सीओ बनने के बाद पहली तैनाती प्रतापगढ़ में हुई।
वहां से लखनऊ एसटीएफ में दो माह पहले स्थानांतरण होने के बाद एक माह पूर्व ही गोरखपुर एसटीएफ यूनिट के प्रभारी बनाए गए हैं। जहां उन्होंने बस्ती जिले के सुहेला गांव में बैंक लूटकांड के आरोपी फिरोज पठान को मुठभेड़ के दौरान सोमवार को ठिकाने लगाने के बाद अपना जज्बा फिर दिखाया है।
धर्मेश कुमार शाही, एसटीएफ गोरखपुर यूनिट प्रभारी ने कहा कि पुलिस की बीस वर्ष की नौकरी में अभी तक तकरीबन 50 बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान मार गिराए जाने और आतंकवादियों, शातिर बदमाशों की गिरफ्तारी की वजह से प्रदेश सरकार से दो बार आउट ऑफ टर्न प्रमोशन एवं दो बार राष्ट्रपति का वीरता पदक पुरस्कार प्राप्त हुआ है।