देवरिया। लूट के मामले में वांछित 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी विकास यादव को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम और उसके परिजन के बीच शुक्रवार की रात सल्लहपुर गांव में झड़प हो गई। करीब आधे घंटे तक धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। पुलिस का आरोप है कि परिजन ने मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा डाला है।
इस मामले में प्रभारी निरीक्षक पंकज गुप्ता की तहरीर पर शनिवार की शाम नौ नामजद और 10 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उधर आरोपी के परिजन ने पुलिस पर महिलाओं से मारपीट और महिला पुलिसकर्मी के बिना घर में घुसने का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है।
पुलिस के अनुसार, बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी एक प्लाईवुड व्यवसायी ने 18 जुलाई को मईल क्षेत्र से 56 क्विंटल यूकेलिप्टस की लकड़ी खरीदी थी। रात में ट्रैक्टर-ट्रॉली से लकड़ी विजयीपुर स्थित गोदाम भेजी जा रही थी। सल्लहपुर के पास कुछ लोगों ने चालक को बंधक बनाकर लकड़ी लूट ली थी। शिकायत पर सल्लहपुर निवासी संजय यादव, शिव यादव, विकास यादव और श्रीराम यादव पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
पुलिस ने 23 जुलाई को संजय यादव को गिरफ्तार कर 28 क्विंटल लकड़ी बरामद की थी। बाद में शिव यादव और श्रीराम यादव ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि विकास यादव वांछित है। उस पर एसपी ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
बृहस्पतिवार को कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर विकास के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुआ था। शुक्रवार की रात उसके घर पर होने की सूचना पर पुलिस दबिश देने पहुंची। पूछताछ के दौरान परिजन ने विरोध शुरू कर दिया।
धक्का-मुक्की के बीच बाइक से पहुंचे पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की गई। पुलिस ने जयसिंह यादव, रंजय यादव, पूजा यादव, मंशा यादव, मधु यादव, सीमा देवी, मुस्कान, सोनू यादव और 10 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की है।