मानव संपदा पोर्टल पर किसी अन्य के प्रमाण पत्रों पर नौकरी हासिल करने की बात सामने आई
अब तक फर्जीवाड़े में 53 शिक्षक जनपद में सेवा से किए जा चुके हैं बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे बरहज ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरनौठा में तैनात शिक्षक सुनील कुमार सिंह को शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया गया। मानव संपदा पोर्टल पर उनका प्रमाण पत्र दूसरे के प्रमाण पत्रों से मेल खाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इसे मिलाकर अब तक 53 शिक्षक जिले में फजीवाड़े में बर्खास्त हो चुके हैं।
बीएसए संतोष कुमार राय ने शुक्रवार को बताया कि अपर शिक्षा निदेशक शिविर कार्यालय की ओर से पिछले वर्ष सितंबर में बताया गया था सुनील कुमार सिंह सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरनौठा, बरहज क्षेत्र का मानव संपदा पोर्टल पर डाटा फीडिंग के दौरान उनका विवरण एक दूसरे से मेल खा रहा है। इसी नाम, एक ही पिता का नाम, एक ही जन्मतिथि एवं एक ही विश्वविद्यालय का वितरण अन्य जनपद लखनऊ में प्रदर्शित हो रहा है। इसके बाद से उनके प्रमाण पत्रों के जांच कराने का वहां से आदेश हुआ।
शिक्षक को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। इसमें शिक्षक ने उपस्थित होकर आधार कार्ड, पैन कार्ड की मूल प्रति कार्यालय को उपलब्ध कराई। लेकिन पिछले तीन वर्षों के आयकर रिटर्न की प्रति वह नहीं दे पाए। जांच के क्रम में सहायक अध्यापक ने लिखित रूप से अवगत कराया कि उनका नाम जयकुमार सिंह पुत्र भरत सिंह निवासी ग्राम बागुसरा, पयासी सलेमपुर है। बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी के लिए समस्त शैक्षिक अभिलेख किसी अन्य द्वारा दिया गया था। इस प्रकरण के बाद उनके फर्जी व कूटरचित तरीके से विभाग में नौकरी करने की प्रथम दृष्टया पुष्टि हुई। इसके बाद उनका वेतन बाधित कर दिया गया।
शैक्षिक प्रमाण पत्रों के संबंधित संस्थानों से सत्यापन के दौरान संबंधित शिक्षक के पते का पुलिस से सत्यापन कराया गया। भटनी थाना की पुलिस ने अपनी जांच में अवगत कराया है कि सुनील कुमार सिंह पुत्र रामायण सिंह के नाम का कोई व्यक्ति ग्राम बगुसरा पयासी का निवासी नहीं है। इस संबंध में ग्राम प्रधान ने इसकी पुष्टि की। जांच क्रम में ही पता चला कि संबंधित सहायक अध्यापक का नाम जयकुमार सिंह पुत्र भरत सिंह ग्राम बागुसरा है जो किसी अन्य सुनील कुमार सिंह पुत्र रामायण सिंह के शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर नौकरी कर रहा है। बीएसए ने बताया कि अध्यापक सेवा नियमावली एवं विभागीय नियमों के तहत बर्खास्त किया गया और बीईओ को विधिक कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है।