एनक्वास अवार्ड के लिए प्रस्तावित पीएचसी की केंद्रीय टीम ने शुरू की जांच
भागलपुर। नेशनल अवॉर्ड की दौड़ में शामिल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर की सोमवार को जांच शुरू हो गई। केंद्रीय टीम ने अस्पताल के विभिन्न वार्ड, इमरजेंसी, ओपीडी, प्रसूति कक्ष, सफाई व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
नेशनल क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (एनक्वास) अवार्ड के लिए जिले का एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर को प्रस्तावित किया गया। एक हफ्ते पहले जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। सोमवार को केंद्रीय टीम में कर्नाटक के डॉ. राघवेंद्र राव और जम्मू-कश्मीर के डॉ. विजय रैना की केंद्रीय टीम पीएचसी पहुंची। टीम ने अस्पताल के वार्डों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। टीम ने पहले गेट पर जलनिकासी की बारे में पूछा। प्रसव कक्ष का मुआयना किया। जच्चा-बच्चा केंद्र, गर्भवती की जांच और परामर्श, गर्भवती और बच्चों का टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव की सुविधा, प्रसव के पश्चात जांच और उपचार की सुविधा, ओपीडी पैथोलॉजी, आईपीडी, इमरजेंसी, कोल्ड चेन और कार्यालय के बारे में पूछताछ की।
केंद्रीय टीम अस्पताल की छोटी-बड़ी समस्याओं की जानकारी कर अस्पताल को एनक्वास के चेकलिस्ट के आठ बिंदुओं का गहनता से जांच के बाद भारत सरकार की टीम अपनी रिपोर्ट देगी। केंद्रीय टीम के निरीक्षण का कार्यक्रम दो दिन तक चलेगा। इस दौरान सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय चंद, डॉ. बी बी सिंह, यशवंत मल्ल, क्वालिटी परामर्श दाता डॉ. मोइनुद्दीन अंसारी, डॉ. रंजीत कुशवाहा, डॉ. मनीष सिंह, वीरेंद्र यादव, अरविंद कुशवाहा, मनीष दुबे, आबिद अली, रामकेश यादव, रविंद्र मौजूद रहे।