बसपा से जुड़े राजभर समाज के लोगों ने दिया इस्तीफा
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर के निष्कासन से समाज के लोगों में है नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर के निष्कासन से राजभर समाज में आक्रोश है। समाज के पदाधिकारियों ने सोमवार को करीब 150 कार्यकर्ताओं के साथ बसपा की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इसे जिले में बसपा के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
सोंदा स्थित एक मैरेज हाल में सोमवार को राजभर समाज के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। राजभर समाज सामाजिक भाईचारा कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष भगवान राजभर ने कहा कि अब तक बहुजन समाज पार्टी में समाज के लोगों का विश्वास कायम था। बसपा के संस्थापक कांशीराम के साथ काम करने वाले पूर्व राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश अध्यक्ष और पांच बार विधायक व कैबिनेट मंत्री रहे राजअचल राजभर को बिना कारण पार्टी सुप्रीमो ने निष्कासित कर दिया। यह अत्यंत निंदनीय है। यह राजभर समाज के लिए अपमानजनक, सम्मान एवं स्वाभिमान के खिलाफ है।
बीती 19 जनवरी को पार्टी अध्यक्ष के सम्मान में रामअचल राजभर जेल चले गए। लेकिन संगठन के सम्मान के साथ समझौता नहीं किया। ऐसा व्यक्ति इतनी जल्दी अनुशासनहीन कैसे हो गया। उनके निष्कासन से क्षुब्ध होकर बसपा में आस्था रखने वाले राजभर समाज के निवर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारी तथा सदस्यगण संगठन की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक रुप से त्यागपत्र देने की घोषणा करते हैं। इस्तीफा देने वालों में उपाध्यक्ष संतोष राजभर, पूर्व महासचिव प्रदीप राजभर, पूर्व सचिव दीना राजभर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष भाईचारा कमेटी चंद्रिका राजभर, संतराज राजभर, राधेश्याम राजभर, संजय राजभर, सुभाष राजभर, मुन्ना राजभर, अरुण राजभर, रमेश राजभर, राकेश राजभर, दीनदयाल राजभर, पवन राजभर, दीपक राजभर, दुर्गाशरण राजभर, रामश्रृंगार, रामू राजभर, रामभजू राजभर, गिरीश राजभर, विवेक राजभर, हरेराम राजभर आदि शामिल रहे।
भगवान राजभर कभी बसपा में रहे ही नहीं। अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी हमारे संगठन से नहीं जुड़े हैं। ऐसे में इन लोगों के सामूहिक इस्तीफे से हमारे दल का कोई संबंध नहीं है और ना ही इससे कोई असर पड़ेगा।
-नितिश कुमार, जिलाध्यक्ष बसपा