संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अनुदानित विद्यालय में शिक्षकों की भर्ती फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी सोमवार को बीएसए दफ्तर पहुंची। जहां कार्यालय से कुछ संदिग्ध अध्यापकों के शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्रों के बारे में जानकारी जुटाई। इनसे संबंधित पंजिका और अन्य अभिलेखों को अपने कब्जे में लेकर कोतवाली चली गई।
एसआईटी के प्रभारी व सदर सीओ श्रीयश त्रिपाठी, कोतवाल राजू सिंह सहित अन्य सदस्य सोमवार शाम को बीएसए कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बीएसए कार्यालय के अनुदानित पटल देखने वाले व लेखा अनुभाग के कर्मचारियों से छह शिक्षकों का रिकार्ड मांगा। इसके अलावा नामजद 17 आरोपियों के अनुमोदन पत्र को खंगाला। उनसे संबंधित पंजिका के बारे में जानकारी ली। इन रिकार्डों को जुटाने के बाद एसआईटी कोतवाली पहुंची। विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले में फर्जी अनुमोदन कर अनुदानित स्कूलों में व्यापक पैमाने पर नियुक्ति की गई है। इसकी जड़ तक एसआईटी पहुंचने में जुटी हुई है। इसके चलते माना जा रहा है कि एसटीएफ की ओर से दर्ज मुकदमे में आरोपियों की संख्या 26 तक पहुंच सकती है। एसआईटी को भरोसा है कि इसी सप्ताह पूरे मामले का खुलासा कर देगी और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लेगी, क्योंकि डिस्पैच रजिस्टर के कई पन्ने फाड़े जाने एवं अन्य रिकार्डों को कार्यालय से ही गायब कर दिए जाने से कुछ बाबुओं अब संदेह के घेरे में आ गए हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही इन्हें भी गिरफ्त में जांच एजेंसी ले सकती है।
----
बीएसए आफिस से कुछ अभिलेखों को कब्जे में लिया गया है। इसकी जांच पड़ताल की जा रही है। कुछ संदिग्ध नियुक्ति वाले शिक्षकों का भी प्रमाण पत्र के बारे में गहनता से जांच हो रही है। बहुत जल्द ही जांच की परिधि में अन्य आरोपी भी आ जाएंगे। ....श्रीयश त्रिपाठी, प्रभारी एसआईटी