देवरिया। पशु तस्करों को रोकने के लिए अब पूरे जिले में संवेदनशील प्वाइंट चिह्नित किए जाएंगे। प्रत्येक प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों की मॉनीटरिंग संबंधित इलाके के सीओ करेंगे।
इसके अलावा दोनों अपर पुलिस अधीक्षक अपने-अपने क्षेत्र का सुपर विजन करेंगे। जैसे ही कोई संदिग्ध गाड़ी दिखेगी सीओ उस इलाके के एसओ के साथ समन्वय बनाकर पशु तस्करों को पकड़ेंगे।
जिले में गोरखपुर और आजमगढ़ की तरफ से पशुओं से लदी गाड़ियां आ रही हैं। सबसे अधिक तस्करी राम जानकी मार्ग से हो रही है। बरहज, सलेमपुर, लार, मईल, खामपार, श्रीरामपुर, बनकटा और बघौचघाट थाना क्षेत्र पशु तस्करी के लिहाज से सबसे संवेदनशील माने जाते हैं। जिले के दक्षिणी हिस्से में करीब 300 और उत्तरी हिस्से में लगभग 200 पशु तस्कर चिह्नित कर उनकी निगरानी हो रही है।
स्थानीय तस्करों की धरपकड़ बढ़ी तो अब बाहरी जिलों के तस्करों ने पुलिस के सामने चुनौती बढ़ा दी है। हाल ही में आजमगढ़ और जौनपुर के पशु तस्करों की गिरफ्तारी के साथ ही गैंगस्टर तक की कार्रवाई हुई है। इसके बावजूद पशु तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
इनसे निपटने के लिए पुलिस ने फिर रणनीति बदली है। इस बार जिले में प्रवेश करने और जिले से बिहार की तरफ जाने वाले ऐसे सभी रास्ते जिनसे होकर पशु तस्करों की गाड़ियां जा सकती हैं, उनको चिह्नित किया जाएगा। इसके साथ ही उस सड़क के संवेदनशील प्वाइंट भी चिह्नित किए जाएंगे। इन चिह्नित जगहों पर पुलिस सीसीटीवी कैमरा लगाएगी। इन सीसीटीवी कैमरों को सीओ ऑफिस में बने कंट्रोल रूम से मॉनीटर किया जाएगा। सभी सीओ अपने क्षेत्र में लगे कैमरों पर नियमित नजर रखेंगे।
इसके लिए पुलिस कर्मियों की चार-चार घंटे ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील प्वाइंट पर पुलिसकर्मियाें की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। पुलिस पुकेट पर तैनात पुलिस कर्मियों की भी ड्यूटी लगातार बदली जाएगी, जिससे कि पशु तस्करों से गठजोड़ की कोई गुंजाइश न रहे।
तैयारी के लिए सलेमपुर और रुद्रपुर में हुई बैठक : संवेदनशील प्वाइंटर चिह्नित करने और वहां कैमरे लगाने से लेकर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाने तक की इस पूरी योजना पर चर्चा के लिए एएसपी दक्षिणी की अगुवाई में सलेमपुर में और एएसपी उत्तरी की अगुवाई में रुद्रपुर थाने में सीओ, एसओ और चौकी इंचार्जों की बैठक हुई। इसमें तस्करी रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।