युवाओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएगा पशुपालन विभाग
देवरिया। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पशुपालन विभाग ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत की है। इसके माध्यम से जिले में कृत्रिम गर्भाधान अच्छादन को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को स्वरोजगार दिया जाएगा। इस योजना में 24 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य विभाग को प्राप्त हुआ है।
युवाओं को आवेदन के लिए प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी ग्राम्य विकास विभाग, पंचायतीराज विभाग, राजस्व विभाग, समाज कल्याण विभाग को दी गई है। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तहसील अंतर्गत प्रत्येक पशु चिकित्साधिकारी के स्तर पर प्राप्त आवेदन पत्रों का मूल्यांकन कर समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। तहसील स्तरीय समिति में एसडीएम अध्यक्ष, बीडीओ सदस्य, उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदस्य/सचिव, संबंधित पशु चिकित्साधिकारी सदस्य व तहसीलदार सदस्य होंगे। तहसील स्तर से प्रेषित आवेदनों पर जिला स्तरीय समिति विचार कर अभ्यर्थियों का चयन करेगी, जिसमें सीवीओ अध्यक्ष होंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को 35 दिनों का सैद्धांतिक व 55 दिनों का व्यवहारिक प्रशिक्षण कराया जाएगा।
यह है अर्हता
अभ्यर्थी हाईस्कूल उत्तीर्ण हो और उसका एक विषय जीव विज्ञान हो। चयनित क्षेत्र की ग्राम पंचायत का निवासी होना चाहिए। पूर्णत: स्वस्थ हो और उम्र सीमा 18 से 40 वर्ष के मध्य होना चाहिए। चयन की प्रक्रिया आरक्षण के अनुसार होगी।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत कृत्रिम गर्भाधान अच्छादन बढ़ाने के लिए मैत्री की स्थापना की जानी है। इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। पारिश्रमिक के संबंध में शासन से किसी प्रकार का निर्देश प्राप्त नहीं है।
- विकास साठे, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी