तरकुलवा/बघौचघाट। नगर पंचायत में प्रस्तावित विकास कार्यों के टेंडर को लेकर बृहस्पतिवार की आधी रात पश्चिमी चौराहे पर ईओ हिमांशु प्रताप सिंह से मारपीट और असलहे के बल पर अपहरण की कोशिश का आरोप लगा है। आरोप है हमलावर खुद को एक जनप्रतिनिधि से जुड़ा हुआ बता रहे थे।
चेयरमैन समर्थकों के विरोध पर दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई। इसमें ईओ चोटिल हो गए। माैके पर पहुंची पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया मगर बाद में उन्हें छोड़ दिया।
शुक्रवार को चेयरमैन कमलेश उर्फ क्रांति सिंह ने प्रतिनिधिमंडल के साथ एसपी अभिजीत आर शंकर से मिलकर घटना की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि आठ अक्तूबर को ईओ हिमांशु प्रताप सिंह देवरिया गए थे। वहां से कुछ लोग उनका पीछा कर रहे थे।
चेयरमैन ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी उन्हें दी। रात करीब 11 बजे ईओ उनके घर पहुंचे। रात करीब 12 बजे क्रांति सिंह अपने घर पहुंचे तो वह बैठे थे। इस दौरान विकास नाम का एक शख्स खुद को एक जनप्रतिनिधि से जुड़ा हुआ बताकर ईओ के मोबाइल पर बार-बार फोन कर उन्हें पश्चिमी चौराहे पर बुला रहा था।
चेयरमैन ने बताया कि वे कुछ समर्थकों के साथ ईओ को लेकर पश्चिमी चौराहे पर पहुंचे तो वहां चार पहिया वाहनों से 10-12 लोग उतरे और ईओ से गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने असलहा लहराते हुए ईओ को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाने की कोशिश की।
इसका विरोध करने पर वे लोग ईओ से उलझ गए और बंदूक लहराते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान नोकझोंक और हाथापाई भी हुई, जिसमें ईओ के नाक पर गंभीर चोट आई और वे जमीन पर गिर पड़े।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने मामला बिगड़ता देख तत्काल पुलिस को सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद आरोपी भागने लगे। पुलिस ने इस दौरान निलेश शुक्ला और विवेक दुबे नाम के दो लोगों को पकड़ लिया।
चेयरमैन कमलेश सिंह उर्फ क्रांति, तरकुलवा के चेयरमैन जनार्दन कुशवाहा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राणा प्रताप सिंह सहित दो दर्जन से अधिक लोग उसी रात में थाने पर पहुंचे और लिखित शिकायत कर आरोपियों पर अपहरण के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।