सारे इंतजाम हवा-हवाई, कैसे सुधरेगी स्वच्छता रैंकिंग
देवरिया। जिन मानकों को पूरा करके नगर पालिका स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के ख्वाब दिखाती रही, वह इंतजाम समय पर हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। न तो डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा निस्तारण हो रहा है न ही शासन से मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) के लिए आवंटित धनराशि का उपयोग हो पाया है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था भी कोई खास प्रभावी नहीं है।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 की शुरुआत नए साल के पहले दिन से हो चुकी है। जो नगर जितना स्वच्छ होगा, स्वच्छता संबंधी संसाधन निकाय के पास होंगे, उसकी रैंकिंग उतनी ही बेहतर होगी। इस होड़ में पिछड़ी शहर की नगर पालिका ने 2020 के परिणाम आने के बाद कई सारे ख्वाब दिखाए। दो करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से कूड़ा निस्तारण के लिए उसरा बाजार के निकट जमीन खरीदी गई। इस पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगना था। करीब एक साल गुजरने के बाद भी यहां कूड़ा नहीं पहुंच पा रहा है। शहर के आसपास गड्ढों में कूड़ा खपाया जा रहा है। इसके अलावा 33.67 लाख रुपये की लागत से भुजौली में बन रहा एमआरएफ कब तक पूरा होगा इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। क्योंकि जो काम तीन माह में पूरा करना था उसे नगर पालिका आठ माह गुजरने के बाद भी पूरा नहीं करा पाई है।
अस्थाई कूड़ा डंपिंग स्थल पर इंतजाम नाकाफी
विभिन्न वार्डों में बने अस्थाई कूड़ा डंपिंग ग्राउंड पर इंतजाम नाकाफी हैं। सिर्फ दस जगहों पर नगर पालिका ने बाउंड्री बनवाई है। बाकी जगहों पर मोहल्लों का कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहता है। जिसे छुट्टा पशु बिखेरते रहते हैं। पॉलिथीन में सब्जियों के अवशेष रहने से कई पशु पॉलिथीन निगल कर बीमार हो जाते हैं।
उसरा बाजार स्थित डंपिंग ग्राउंड पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने का डीपीआर तैयार हो चुका है। एमआरएफ की उपयोगिता मार्च के पहले सुनिश्चित कर ली जाएगी। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए टेंडर निकाला गया है। 15वां वित्त की धनराशि से डस्टबिन खरीदा जाएगा।
- रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया