लार। आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी हत्याकांड के आरोपियों के मकान को लेकर लगाए गए ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे के आरोप की प्रशासन जांच कराएगा। तहसील प्रशासन ने भूमि की पैमाइश के लिए चार टीमें गठित की हैं। लेखपाल और कानूनगो की टीमें रविवार की सुबह भीखम छपरा गांव पहुंचकर आरोपियों के मकान और आसपास की भूमि की पैमाइश करेंगी। जमीन ग्राम सभा की मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हत्या के बाद से ही रामेश्वर के परिजन आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को शव रखकर धरना दे रहे लोगों से वार्ता के दौरान एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह और एसडीएम क्षितिज द्विवेदी के सामने भी मकान का मुद्दा उठाया गया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा कर मकान बनवाया है। उन्होंने मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग भी की थी।
एसडीएम के निर्देश पर शनिवार को कानूनगो और लेखपालों की चार टीमें गठित की गईं। रविवार सुबह करीब 10 बजे टीमें पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचेंगी। पोखरे से लेकर आसपास की जमीन की पैमाइश की जाएगी। तहसील प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे।
एसडीएम क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि परिजनों के आरोप के आधार पर मकान और भूमि की पैमाइश कराई जा रही है। यदि मकान ग्राम सभा की जमीन पर बना मिला तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी