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पुलिस को पुलिस से ही शांति भंग का खतरा

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90- शांति भंग के अंदेशे में निरूद्ध सिपाही अजय साहनी 91- पाबंद की पुलिस रिपोर्ट - फोटो : DEORIA
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पुलिस को पुलिस से ही शांति भंग का खतरा
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गोरखपुर जिले में तैनात सिपाही को किया निरुद्ध
सिपाही ने एसडीएम से शिकायत कर जांच की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। चुनाव के समय मृतक और बुजुर्गों को शांति भंग के अंदेशे को लेकर पाबंद करने में अक्सर चर्चा में रहने वाली पुलिस ने इस बार अपने ही विभाग के सिपाही को निरुद्ध कर दिया है। एकौना पुलिस का यह कारनामा बृहस्पतिवार को चर्चा में रहा। पुलिस ने सरांव बुजुर्ग गांव के निवासी एक सिपाही को विधान सभा चुनाव में शांति भंग के अंदेशे में निरुद्ध कर दिया है, जबकि सिपाही वर्तमान में गोरखपुर जिले के झंगहा थाने में तैनात है।
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गोरखपुर जिले झंगहा थाना क्षेत्र के 112 में तैनात सिपाही अजय साहनी रुद्रपुर क्षेत्र के सरांव बुजुर्ग गांव के मूल निवासी हैं। आरक्षी अजय साहनी ने एसडीएम को पत्रक देकर बताया कि उनकी पत्नी शिल्पा साहनी वर्तमान में गांव की प्रधान हैं। बीट सिपाही की रिपोर्ट के आधार पर एकौना थानाध्यक्ष द्वारा उन्हें विधान सभा चुनाव में शांति भंग अंदेशे को देखते निरुद्ध कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह पुलिस विभाग में वर्ष 2015 से कार्यरत हैं। बिना जांच किए पुलिस ने उन्हें निरुद्ध कर दिया। चुनाव के दौरान पुलिस को पुलिस से ही खतरा बताना लापरवाही को उजागर करता है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस बाबत उपजिलाधिकारी संजीव कुमार उपाध्याय ने कहा कि सीओ से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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