खुखुंदू। लॉकअप में गांजा तस्करी के आरोपी ने फंदा कैसे लगा लिया, यह बात लोगों की समझ में नहीं आ रही है। पुलिस की बात और मौत के कारण पर मृतक के परिजन विश्वास करने के लिए तैयार नहीं हैं।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि करीब साढ़े पांच फुट ऊंची दीवार के मोड़ पर पांच फुट लंबाई का आदमी खुद के पैंट से फंदा लगाकर कैसे लटक पाएगा। फिलहाल पुलिस ने लॉकअप को सील कर दिया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि आरोपी सुबह तक ठीक था। अचानक लॉकअप से उसके छटपटाने की आवाज आई तब पुलिसकर्मियों का ध्यान गया।
लोगों का तर्क है कि लॉकअप बरामदे के ठीक पीछे है। संतरी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से लेकर सामने खड़े हर शख्स को अंदर तक दिखता है। जब कोई आरोपी लॉकअप में बंद रहता है तो ड्यूटी पर तैनात मोहर्रिर (मुंशी) और संतरी की पूरी जिम्मेदारी होती है।
थाने में जो लॉकअप है, उसकी दीवार अंदर एल आकार का है। पुलिस का दावा है कि इसी कोने पर बृजपाल ने अपनी पैंट से गले को कसकर लटक गया। सवाल यह भी है कि बेहद पुरानी दीवार कितनी मोटी है, जिसने करीब 50 किलोग्राम से अधिक वजन को सहन कर लिया।
दूसरा सवाल यह है कि पैंट को बांधते और लटकते समय किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी, जबकि उस समय सुबह के साढ़े आठ बजे थे। खुखुंदू थाने पर तैनात रहे एक सब इंस्पेक्टर ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया कि जब कोई मुल्जिम लॉकअप में बंद रहता है तो जब तक जेल न चला जाए, तब तक इंचार्ज को सतर्क रहना पड़ता है। संवाद