फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षामित्रों की भर्ती में धांधली की बू

Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
Deoria
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। सहायक अध्यापक बनने की कगार पर पहुंच चुके शहर के तमाम शिक्षामित्रों की भर्ती प्रक्रिया में धांधली की बू आ रही है। कई जगहों पर भर्ती प्रक्रिया के दौरान शिक्षा समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज किया गया है जबकि कुछ जगहों पर प्रस्तावित अभ्यर्थी की बजाय दूसरे को ज्वाइन करा दिया गया है।
विज्ञापन

जनसूचना अधिकार के तहत मिले जवाबों में इसका खुलासा होने के बाद सभासद गौहर अली ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से जांच की मांग की है। गौहर अली ने नवंबर 2011 में नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों की संख्या, नियुक्त शिक्षामित्रों का ब्योरा, नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, वार्ड शिक्षा समितियों की सिफारिशों आदि से संबंधित 12 बिंदुओं के तहत सूचना मांगी थी। तीन साल की जद्दोजहद के बाद राज्य सूचना आयोग के निर्देश पर विभाग ने किसी तरह उन्हें आधी अधूरी सूचनाएं उपलब्ध कराईं, जिस पर गौहर अली ने आपत्ति जताई है।
गौहर का कहना है कि जो सूचनाएं दी गईं उसमें नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान भारी अनियमितता उजागर हुई है। कुछ वार्डों में उन शिक्षामित्रों की नियुक्ति कर दी गई है जिनके नाम शिक्षा समिति की सिफारिश में थे ही नहीं। कुछ ऐसे भी शिक्षामित्रों की नियुक्त कर दिया गया जिनके नाम पर समिति ने आपत्ति जताकर उन्हें खारिज कर दिया था। यही नहीं कुछ जगहों पर सभासदों के फर्जी दस्तखत बनाकर भी नियुक्ति की गई है जिस पर संबंधित सभासद ने उस समय ऐतराज जताया था। साल 2002 में किस शासनादेश के तहत ये सभी नियुक्तियां की गई थीं वह शासनादेश भी विभाग उन्हें अब तक उपलब्ध नहीं करा सका है।
विज्ञापन

शिक्षामित्रों से होगी वसूली
शिकायकर्ता मुझसे व्यक्तिगत तौर पर मिलकर अपनी आपत्ति और दस्तावेज उपलब्ध करा दें। दो माह के अंदर ही इस मामले की जांच पूरी करा ली जाएगी। दोष सिद्ध हुआ तो ऐसे शिक्षामित्रों को बर्खास्त कर उनसे वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

-मनोज कुमार मिश्र, बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें