देवरिया शहर में कई जगहों पर काफी दिनों से निवास करने वाले लोगों ने कब्जा जमा लिया है। मकान मालिक से विवाद के कारण वह कब्जा छोड़ नहीं रहे हैं। इन जगहों पर स्थित मकानों का विवाद न्यायालय में चल रहा है। कुछ कब्जाधारी किराया भी न्यायालय में जमा करते हैं। इस तरह के जर्जर मकानों पर नगर पालिका और प्रशासन कार्रवाई नहीं कर सकता है।
सोमवार की सुबह जिस मकान में हादसा हुआ है, इस मकान का भी एक पक्ष ने स्थगन आदेश ले रखा है। इन विवादों के कारण भवनस्वामी मकान की मरम्मत नहीं कराते हैं, क्योंकि उनको पता होता है कि मकान की मरम्मत न होने पर कब्जा जमाने वाला व्यक्ति अपने आप चला जाएगा। इस चक्कर में भी जर्जर मकानों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
बस स्टेशन भी है कंडम घोषित
देवरिया। शहर के बस स्टेशन सहित कुछ अन्य विभाग के भवन भी जर्जर हो चुके हैं, जिनमें रहना खतरे को मोल लेना होगा। नए बस स्टेशन भवन के निर्माण की आस लोग लगाए हुए हैं। इस भवन का हाल यह है कि जर्जर होने के बाद हर रोज हजारों की संख्या में यात्री आते-जाते रहते हैं। जर्जर भवन के नीचे कर्मचारी काम निपटाते हैं।
देवरिया मृतक दिलीप की मां प्रभावती देवी के नाम पर पुलिस लाइंस के पास स्थित कांशीराम आवासीय योजना में आवास आवंटित है। पर यहां पर ताला बंद रहता है। वह अपने बेटों के साथ अंसारी रोड पर रहती हैं। विभागीय सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो कई ऐसे किराएदार हैं, जो मकान बनवा चुके हैं, लेकिन जर्जर भवन में निवास करते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि वह काफी दिनों से शहर के विभिन्न मोहल्लों रहते आए हैं। अब मकान को छोड़ना नहीं चाहते हैं।
फिर से होगा सर्वे
ईओ रोहित सिंह ने बताया कि हादसा जिस मकान में हुआ है, उसका विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। इसी तरह कई मकान हैं। नगर पालिका ने 97 मकानों को जर्जर घोषित किया है। सभी नोटिस भी दिया गया है। कुछ लोगों ने मकान को गिरवा दिया है। एक बार फिर से सभी वार्डों का सर्वे कराया जाएगा।