मईल थाना क्षेत्र के करौता गांव निवासी सर्वजीत उर्फ राणा की पत्नी रिंकू देवी (24) और लार थाना क्षेत्र के धकपुरा गांव निवासी छोटू की पत्नी संध्या (25) को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर पहुंचाया, जहां से डॉक्टर ने उन्हें रेफर कर दिया। आरोप है कि एक आशा कार्यकर्ता ने नगर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां ऑपरेशन के दौरान करीब 10 बजे रात में रिंकू ने लड़के को जन्म दिया और संध्या देवी को ऑपरेशन से लड़की पैदा हुई।
सोमवार की सुबह दोनों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी तो अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे अपने वाहन से गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में पहुंचा दिया, जहां इलाज के दौरान दोनों महिलाओं की मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर सलेमपुर पहुंचे और कोतवाली गेट के सामने शव को रख कर हंगामा करने लगे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने गुमराह कर महिलाओं को अस्पताल में भर्ती रखा जब हालत खराब हुई तो गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। मामला बढ़ता देख कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी। कोतवाल कपिल देव चौधरी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उधर, सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि अस्पताल पंजीकृत है। मंगलवार को टीम भेज कर जांच कराई जाएगी।