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पांच लुटेरे पकड़े गए, लूट की रकम और बाइक बरामद

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लूट, क्राइम - फोटो : फाइल फोटो
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देवरिया। जिले की पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। बैंक से रुपये निकालकर जाने वालों को निशाना बनाने वाले पांच लुटेरे पकड़े गए हैं। पांचों कटिहार जिले (बिहार) के रहने वाले हैं। उनके पास से चोरी की चार बाइक, पांच किलो चरस और 29 हजार रुपये नकद बरामद किया गया। पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेज दिया है। एक आरोपी नाबालिग है। पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में एसपी एन. कोलांचि ने बताया कि कोतवाली पुलिस, सर्विलांस टीम, विशेष जांच टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गोरखपुर रोड में ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स के पास से गोरखपुर की तरफ से चार बाइक से आ रहे पांच लुटेरों को पकड़ लिया। पुलिस की पूछताछ में लुटेरों ने अपना नाम करन यादव, आनंद पासवान, वरुण यादव और बादल यादव बताया। एक अन्य आरोपी नाबालिग है। सभी बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा थानाक्षेत्र के जुराबगंज गांव के रहने वाले हैं। पकड़े गए लुटेरों ने सदर कोतवाली में एक और गौरीबाजार में तीन लूट की घटनाओं में शामिल होने की बात कबूल की। इसके अलावा इन लुटेरों ने गोरखपुर जिले के चौरीचौरा और शाहपुर थानाक्षेत्र में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है।
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कुशीनगर में कमरा लेकर रहते थे सभी
पकड़े गए लुटेरे कुशीनगर में किराए का कमरा लेकर रहते थे। सभी कुशीनगर जिला छोड़कर आसपास के जिलों में लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। लुटेरों ने बताया कि देवरिया और गोरखपुर इलाके में ही अधिकांश लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। घटना के बाद देर शाम तक या रात में अपने कमरे पर लौट जाते थे।

टीम को पांच हजार रुपये का इनाम
लुटेरों को गिरफ्तार करने वाली टीम में सदर कोतवाल विजय नारायण प्रसाद, इंस्पेक्टर क्राइम शशांक शेखर राय, सर्विलांस सेल के प्रभारी संतोष सिंह, विशेष्ट टीम के एसआई घनश्याम सिंह, कोतवाली के हेड कांस्टेबल शिवकुमार शर्मा, कांस्टेबल जय जयराम सिंह, बृजेश, राकेश प्रजापति, सर्विलांस सेल के राहुल सिंह, विमलेश सिंह, सुधीर मिश्र, मेराज और अरुण खरवार शामिल रहे। एसपी एन.कोलांचि ने प्रत्येक को पांच-पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।
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महिलाओं और बुजुर्गों को बनाते थे निशाना
देवरिया। पुलि-स के हाथ लगे लुटेरों ने बताया कि वे छोटी-छोटी लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। बैंक में पहुंचकर वे देखते थे कि कौन बुजुर्ग और महिला रुपये निकाल रही हैं। उनका पीछा कर रुपये लूटकर भाग जाते थे। कभी भी बड़ी रकम पर ध्यान नहीं दिया और न ही किसी घटना में तमंचा का प्रयोग किया। इनके तीन और साथी हैं जो बिहार भाग गए हैं। पुलिस की एक टीम उनको पकड़ने के लिए बिहार रवाना हो गई है।
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