देवरिया। नगर पालिका परिषद बरहज में सोलर हाईमास्ट की खरीदारी में बड़ी अनियमितता सामने आई है। नेडा की ओर से जो संयत्र 1.18 लाख में लगाए जा रहे हैं, उसे नगर पालिका प्रशासन ने 2.98 लाख रुपये में खरीदा है। दोगुने से ज्यादा कीमत पर खरीदारी के बाद भी एक संयत्र लगने के कुछ दिनों बाद ही खराब हो गया। डीएम के निर्देश पर हुई जांच में यह खुलासा हुआ है। करीब 14.40 लाख रुपये की राजस्व क्षति की रिपोर्ट डीएम ने शासन को प्रेषित करते हुए कार्रवाई की अनुमति मांगी है।
बरहज नगर पालिका में विभिन्न चौराहों-तिराहों व सार्वजनिक स्थलों पर सोलर हाईमास्ट लगाए गए हैं। अध्यक्ष व ईओ की संस्तुति पर सत्र 2017-18 में नगर क्षेत्र के लिए कुल आठ हाईमास्ट खरीदे गए थे। प्रत्येक हाईमास्ट की खरीद 2.98 लाख रुपये में की गई। पूर्व पालिका अध्यक्ष अजीत जायसवाल ने हाईमास्ट की खरीद में भारी धांधली का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम अमित किशोर ने एडीएम प्रशासन राकेश कुमार पटेल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी गठित करते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की। कमेटी में जिला पूर्ति अधिकारी, परियोजना अधिकारी नेडा, डूडा, एक्सईएन बिजली व एआरटीओ को शामिल किया गया। अभिलेखों की पड़ताल के बाद टीम ने सोलर हाईमास्ट की खरीदारी में गड़बड़ी की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक नगर पालिका क्षेत्र में 2.98 लाख रुपये प्रति संयत्र मूल्य के आठ संयंत्र खरीदे गए हैं, जबकि इसी सोलर हाईमास्ट को नेडा के माध्यम से 1.18 लाख रुपये में ही लगाया जा रहा है। करीब 14.40 लाख रुपये राजस्व की क्षति की गई है। टीम ने जांच में एक संयंत्र को खराब पाया, जबकि उसकी वैधता पांच वर्ष बताई गई है। डीएम अमित किशोर ने बताया कि जांच में अध्यक्ष व ईओ दोषी मिले हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग को प्रेषित कर दी गई है। वित्तीय क्षति के रूप में शासकीय धन की वसूली के लिए अनुमति मांगी गई है। निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।