दलों के दलदल में फंसी सदल की हाथी
बांसगांव संसदीय सीट पर फिर खाता खोलने में विफल रही बसपा
सच्चिदानंद पांडेय
बरहज। बांसगांव संसदीय सीट पर बसपा की जीत दर्ज करने की उम्मीदों को फिर झटका लगा है। सीधी लड़ाई में भी उसे भाजपा के हाथों करारी मात मिली है। मौजूदा सांसद के खिलाफ जनता में असंतोष और सपा-बसपा और कांग्रेस के साथ को भुनाने में प्रत्याशी विफल रहे। नतीजा फिर से इस सीट पर जीत दर्ज कर कमलेश पासवान हैट्रिक लगाने में सफल रहे। बांसगांव संसदीय सीट में गोरखपुर के तीन विधानसभा क्षेत्र के अलावा जिले का रुद्रपुर और बरहज विधानसभा क्षेत्र शामिल है। एक जीत को तरस रही बसपा ने फिर से सदल प्रसाद पर दांव लगाया था। उसे उम्मीद थी कि सपा का साथ मिलने और पिछले चुनाव के हार की सहानुभूति का लाभ पाकर सदल खाता खोलने में सफल होंगे। सांसद से नाराजगी का लाभ भी पार्टी को मिलने की आस थी। कांग्रेस प्रत्याशी कुश सौरभ का पर्चा खारिज होने के बाद यहां मुकाबला सीधा हो गया था। उम्मीदों के विपरीत गुरुवार को मतगणना में शुरू से ही रुझान भाजपा के पक्ष में देखने को मिला। रुद्रपुर क्षेत्र की गणना के शुरुआती दौर में थोड़ी टक्कर जरूर रही, लेकिन बरहज सहित अन्य क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशी की एकतरफा बढ़त बनी रही। मोदी मैजिक में एक बार फिर जीत हासिल कर जहां कमलेश ने हैट्रिक लगाया। वहीं इतिहास में बसपा इस बार भी खाता नहीं खोल सकी।
सोशल नेटवर्क आदि के जरिए लेते रहे जानकारी
चुनाव महापर्व में मतगणना के दिन नगर क्षेत्र के लोग पूरे दिन सोशल नेटवर्क आदि के जरिए सीटों के रुझान देखते मिले। मतगणना के चलते कार्यालयों, चौराहों आदि पर प्रत्याशियों के हार-जीत जैसी चर्चाओं का बाजार गर्म था। लोग मोदी की जीत का श्रेय राष्ट्रवाद, विकास और विश्वास आदि को दे रहे हैं।