देवरिया पहुंची पदयात्रा, जिला बनाने की उठी मांग
सुभाष चौक पर सभा के बाद आगे के लिए रवाना हुई
सलेमपुर चेयरमैन के नेतृत्व में 15 को पहुंचेगी लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सलेमपुर जिला बनाने को लेकर चेयरमैन के नेतृत्व में लखनऊ के लिए निकली पदयात्रा गुरुवार देवरिया पहुंची। यहां उनका जोरदार स्वागत करते हुए लोगों ने उनकी हौसलाफजाई की। शहर के सुभाष चौक पर सभा करने के बाद यात्रा आगे के लिए रवाना हो गई।
चेयरमैन जेपी मद्धेशिया ने कहा कि सलेमपुर को जिला बनाने की मांग तीन दशक से स्थानीय लोग कर रहे हैं। इसके लिए सपा सरकार में वर्ष 2014 से लगातार सलेमपुर के गांधी चौक पर आंदोलन किया गया। पुलिस और प्रशासन ने लाठी के दम पर आंदोलन कमजोर करने की कोशिश की, बावजूद इसकी धार कम नहीं हुई। फर्जी तरीके से आंदोलनकारियों पर आधा दर्जन मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया। सलेमपुर जिला के लिए सभी मानक पूरा करता है और जनहित में जरूरी भी है। एक अगस्त से शुरू पदयात्रा 15 अगस्त को लखनऊ पहुंचेगी, जहां विधानसभा के समक्ष धरना देकर अपनी मांग रखेंगे। पदयात्रा में 30 से अधिक लोग शामिल हैं। इस दौरान दिलीप मिश्रा, शेषनाथ, संतोष ठाकुर, विधान, परमानंद भारती, सलटु पांडेय, अंकुर मिश्रा, संतोष मद्धेशिया, राजकुमार, मुन्ना राईनी मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों को नहीं डिगा सकी पुलिस की कार्रवाई
सलेमपुर के गांधी चौक पर नौ दिसंबर 2014 को जिला बनाओ मंच के बैनर तले आंदोलन शुरू हुआ था। चार जनवरी 2015 को पहली बार लोगों ने सलेमपुर में सड़क जाम किया और प्रशासन ने लाठीचार्ज करवा दिया। भगदड़ में कई लोग चोटिल हुए और आंदोलनकारियों पर केस भी पुलिस ने दर्ज किया। पूर्व विधायक मनबोध प्रसाद की शव यात्रा निकालने, बार-बार सड़क जाम करने, जल सत्याग्रह करने, जिला बनाने के लिए प्रचार-प्रसार कराने के आरोप में पुलिस ने आधा दर्जन केस दर्ज किया गया। तीन साल तक लगातार लोगों के सहयोग से आंदोलन चला था।
पूर्व सीएम ने दिया था आश्वासन
वर्ष 2016 में लार के रोपनछपरा गांव में एक कार्यक्रम में आए पूर्व सीएम अखिलेश यादव से पूर्व विधायक मनबोध प्रसाद ने मंच से सलेमपुर को जिला बनाने की मांग की थी। इस पर सीएम ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन यह ठंडे बस्ते में चला गया।
दो बार शासन मांग चुका है रिपोर्ट
सलेमपुर में चल रहे आंदोलन को खत्म कराने के लिए कई बार तत्कालीन डीएम-एसपी को भी उस समय जाना पड़ा था, लेकिन लोगों ने इनकी एक नहीं सुनी। शासन ने इसके लिए दो बार रिपोर्ट भी मांगा। सलेमपुर, भाटपाररानी, बरहज और बलिया जिले के बेल्थरारोड तहसील को मिलाकर जिला बनाने की मांग की जा रही है।