24 जनवरी से शुरू हो रहे जयपुर साहित्य सम्मेलन में लेखक सलमान रुश्दी की विवादास्पद पुस्तक सैटेनिक वर्सेज के अंश पढ़ने वाले लेखकों को आमंत्रित करने पर दारुल उलूम ने कड़ा ऐतराज जताया है। साथ ही दारुल उलूम ने इन लेखकों को सम्मेलन में न आने देने की मांग की है।
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नौमानी बनारसी ने कहा है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष मुल्क है, जहां सभी मजहबों का सम्मान किया जाता है। उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले लेखकों को भारत में न आने देने और उन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मोहतमिम ने कहा कि दारुल उलूम भारत और पाक के बेहतर ताल्लुकात का पक्षधर है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष जयपुर साहित्य सम्मेलन में कई लेखकों ने सलमान रुश्दी की पुस्तक सैटेनिक वर्सेज के अंश पढ़े थे, जिसका मुसलिम समाज ने विरोध किया था।